हिमाचल में चुनाव आचार संहिता के बीच कैबिनेट बैठक करने पर बवाल, आयोग के नोटिस पर मुख्य सचिव खामोश; भेजा रिमाइंडर
मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने राज्य निर्वाचन आयोग के नोटिस का जवाब नहीं दिया है, जिस पर आयोग ने रिमाइंडर भेजा है। यह नोटिस पंचायतीराज और शहरी निकाय चुनावो ...और पढ़ें

आचार संहिता में कैबिनेट बैठक करने पर बवाल हो गया है। जागरण आर्काइव
HighLights
मुख्य सचिव ने आयोग के नोटिस का जवाब नहीं दिया।
आयोग ने कैबिनेट बैठक पर रिमाइंडर नोटिस भेजा।
भाजपा ने आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत की थी।
राज्य ब्यूरो, शिमला। मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने राज्य निर्वाचन आयोग के नोटिस का पांच दिन बाद भी जवाब नहीं दिया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने 23 मई को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा था। बुधवार को राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची की ओर से रिमाइंडर भेजा है, जिसमें नोटिस का उत्तर न देने का कारण पूछा गया है। आयोग उत्तर आने के बाद ही इस मामले में आगामी कार्रवाई अमल में लाएगा।
राज्य में पंचायतीराज और शहरी निकाय चुनावों को लेकर आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू है। इसी बीच, राज्य सरकार ने 22 मई को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की थी। भाजपा ने इसकी शिकायत राज्य निर्वाचन आयोग से की थी।
राज्यपाल से भी की है शिकायत
भाजपा का प्रतिनिधिमंडल इस संबंध में राज्यपाल से भी मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपा गया। आयोग ने शिकायत के आधार पर मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर मंत्रिमंडल बैठक आयोजित करने और उसमें लिए गए निर्णयों की जानकारी मांगी थी।
आयोग ने पूछे ये सवाल
आयोग ने यह भी पूछा था कि मीडिया में जो समाचार प्रकाशित या प्रसारित हुए की जानकारी किसने दी है। यदि मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई है, तो उसमें क्या निर्णय लिए गए हैं। आयोग ने पूछा है कि बैठक में कौन-कौन से निर्णय लिए गए और क्या इनमें ऐसे फैसले शामिल हैं जिनका चुनाव प्रक्रिया या मतदाताओं पर प्रभाव पड़ सकता है।
भाजपा ने चुनाव प्रभावित करने का लगाया था आरोप
भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य निर्वाचन आयोग से मिलकर आरोप लगाया है कि मंत्रिमंडल की बैठक में ऐसे निर्णय लिए गए हैं जिससे मतदाताओं को प्रभावित किया गया है। चुनावी माहौल के बीच सरकार द्वारा लिए गए फैसलों का सीधा असर मतदाताओं पर पड़ेगा, जबकि प्रदेश में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू है। जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव में लाभ लेने के लिए ऐसा किया गया है। भाजपा ने इसे आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए कार्रवाई की मांग की है।