हिमाचल में अदालती मामलों में लापरवाही पड़ेगी भारी, सरकार के निर्देश- देरी पर विभाग अध्यक्षों की होगी जवाबदेही
हिमाचल सरकार ने अदालती मामलों में विभागों की लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया है, जिसमें मुख्य सचिव ने समय पर कानूनी दस्तावेज दाखिल न करने पर विभागाध्यक्षो ...और पढ़ें

हिमाचल सरकार ने कोर्ट मामलों को लेकर अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। प्रतीकात्मक फोटो
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल सरकार ने अदालतों में लंबित मामलों को लेकर विभागों की लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया है। मुख्य सचिव केके पंत ने सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को निर्देश जारी किए हैं कि उच्च न्यायालय सहित अन्य अदालतों में अपील, जवाब, शपथपत्र और अन्य कानूनी दस्तावेज तय समयसीमा के भीतर दाखिल किए जाएं। किसी भी प्रकार की लापरवाही के लिए विभागाध्यक्षों की जवाबदेही होगी। ऐसे में नियमों के अनुसार कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।
कई मामलों में विभागों द्वारा समय पर कानूनी राय नहीं लेने, अपील दायर करने में देरी और अदालत के आदेशों के खिलाफ उपलब्ध कानूनी विकल्पों का समय पर उपयोग नहीं करने से राज्य सरकार के हित प्रभावित हो रहे हैं। इससे न केवल वित्तीय नुकसान हो रहा बल्कि प्रशासनिक जटिलताएं भी बढ़ती हैं।
व्यक्तिगत रूप से जवाबदेह होगा अफसर
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी विभागाध्यक्ष की लापरवाही के कारण राज्य को टाला जा सकने वाला नुकसान होता है तो संबंधित अधिकारी को सेवा नियमों के तहत व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार और जवाबदेह माना जाएगा।
हाई कोर्ट कई बार लगा चुका है फटकार
सभी विभागों को इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने और अदालतों से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। उच्च न्यायालय में विभिन्न विभागों से संबंधित मामलों में समय पर आदेशों का पालन न करने और अन्य जानकारी न दिए जाने को लेकर कई बार अधिकारियों को फटकार लग चुकी है।