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    हिमाचल हाई कोर्ट ने हाईवे निर्माण में देरी पर कंपनी को लगाई एक लाख रुपये कास्ट, NHAI को फंड जारी करने का आदेश

    By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Wed, 08 Jul 2026 11:44 AM (IST)

    हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण में देरी और आदेशों का पालन न करने पर एक निर्माण कंपनी पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया है। ...और पढ़ें

    हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने एनएच निर्माण कंपनी को कॉस्ट लगाई है।

    हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने एनएच निर्माण कंपनी को कॉस्ट लगाई है।

    विधि संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और न्यायाधीश जियालाल भारद्वाज की खंडपीठ ने मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग और फोरलेन निर्माण से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कड़े निर्देश जारी किए हैं। हाई कोर्ट ने अदालत के आदेश की समय पर तामील न करने वाली निर्माण कंपनी पर ₹1,00,000 रुपये की कास्ट लगाई है।

    कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसका मुख्य उद्देश्य काम को जल्द पूरा करवाना था। कंपनी ने कोर्ट को दी अंडरटेकिंग का उल्लंघन किया था, जिस पर उसे अवमानना का दोषी पाया था। 

    लापरवाही पर कार्रवाई

    कंपनी ने अर्जी में बताया कि बदले हुए प्रोजेक्ट स्कोप के तहत जुलाई 2025 में काम पूरा कर लिया गया है। चूंकि काम पूरा हो चुका है, इसलिए कोर्ट ने अवमानना की कार्यवाही बंद कर दी है। लापरवाही के लिए कंपनी को एक महीने के भीतर ₹1,00,000 की राशि हाई कोर्ट इंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन फंड में जमा करने का आदेश दिया गया है।

    अधीक्षण अभियंता ने जारी किया हलफनामा

    लोक निर्माण विभाग मंडी के अधीक्षण अभियंता ने हलफनामा देकर बताया कि ड्योड के पास क्षतिग्रस्त हुई 200 मीटर सड़क को बहाल कर दिया गया है। इस पूरे बहाली कार्य के लिए ₹5,51,13,973 रुपये स्वीकृत किए गए थे, जिसमें से 50 प्रतिशत राशि जारी हो चुकी है।

    हाई कोर्ट ने एनएचएआइ को आदेश दिया है कि वह बची हुई राशि जल्द जारी करे। इस मामले की अगली सुनवाई अब 28 जुलाई को नियमित मुख्य खंडपीठ के समक्ष होगी।

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