स्कूल के पास शराब ठेका खोलने पर हिमाचल हाई कोर्ट सख्त, सरकार से मांगा जवाब; प्रतिवेदन पर लिया संज्ञान
हिमाचल हाई कोर्ट ने शिमला के खलिनी स्कूल के पास चल रहे शराब ठेके को हटाने की मांग पर संज्ञान लिया है। अदालत ने इसे जनहित याचिका मानते हुए सरकार और संब ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट का परिसर। जागरण आर्काइव
HighLights
खलिनी स्कूल के पास शराब ठेका हटाने की मांग।
हाई कोर्ट ने जनहित याचिका के रूप में लिया संज्ञान।
सरकार और आबकारी विभाग से मांगा विस्तृत जवाब।
विधि संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने शिमला की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला खलिनी के पास चल रहे शराब ठेके को हटाने की मांग पर संज्ञान लिया है। इस मामले में मिले एक प्रतिवेदन के आधार पर हाई कोर्ट ने इसे जनहित याचिका के रूप में लिया है। याचिका में खलिनी पाठशाला के नजदीक संचालित हो रहे शराब ठेके को वहां से किसी दूसरी जगह स्थानांतरित करने की गुहार लगाई गई है, ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई का उचित माहौल मिल सके।
मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और न्यायमूर्ति बिपिन सी नेगी की खंडपीठ ने इस जनहित याचिका पर सुनवाई की। इस मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त, 2026 को तय की है।
सरकार व विभाग को रखना होगा पक्ष
राज्य सरकार और संबंधित आबकारी विभाग को इस संवेदनशील मुद्दे पर तय समय से पहले अपना पक्ष और विस्तृत जवाब अदालत के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। हाई कोर्ट ने इस मामले में नगर निगम शिमला को भी नोटिस जारी किया है।
शिक्षण संस्थान के 500 मीटर दायरे में नशा बिक्री पर है रोक
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा नशा निवारण के नियमों को सख्त करने के लिए 'हिमाचल प्रदेश स्वापक औषधि और नियंत्रित पदार्थ (निवारण, नशामुक्ति और पुनर्वास) विधेयक 2025' लाया गया था। इसके तहत शैक्षणिक संस्थानों के 500 मीटर के दायरे में शराब और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने का प्रावधान है।
पहले 100 मीटर थी दूरी
इससे पहले यह दूरी केवल 100 मीटर निर्धारित थी। स्थानीय लोगों और अभिभावकों का आरोप है कि नियमों को ताक पर रखकर स्कूल के बेहद पास शराब के आउटलेट चलाए जा रहे हैं।
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