'गलत दिशा में वाहन चलाना बड़ी लापरवाही', हिमाचल हाई कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए बस चालक की सजा को सही ठहराया
हिमाचल हाई कोर्ट ने लापरवाही से वाहन चलाने के दोषी को कड़ी सजा देने की बात कही है, विशेषकर सड़क के दाहिनी ओर वाहन चलाने को बड़ी लापरवाही माना है। ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट का शिमला स्थित परिसर। जारगण आर्काइव
HighLights
लापरवाही से वाहन चलाने पर कड़ी सजा मिलेगी।
सड़क के दाहिनी ओर चलाना बड़ी लापरवाही है।
बस चालक की दो साल की सजा बरकरार रखी।
विधि संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने कहा कि लापरवाही या तेज गति से वाहन चलाने के दोषी व्यक्ति को कड़ी सजा दी जानी चाहिए। कोर्ट ने सड़क दुर्घटना के मामलों में स्पष्ट किया है कि सड़क के दाहिनी ओर वाहन चलाना बड़ी लापरवाही है। कोर्ट ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि चालक को वाहन को सड़क के बाईं ओर यथासंभव चलाना चाहिए और विपरीत दिशा से आ रहे सभी वाहनों को अपनी दाहिनी ओर से गुजरने देना चाहिए।
न्यायाधीश राकेश कैंथला ने दोषी बस चालक को दो साल के कारावास की सजा को सही ठहराते हुए कहा कि इस दुर्घटना में दो लोगों की जान चली गई थी और एक व्यक्ति घायल हो गया था। इसलिए अपराधी को परिवीक्षा अधिनियम का लाभ नहीं दिया जा सकता। निचली अदालत ने दलेल सिंह को दो साल के साधारण कारावास और 50,000 रुपये का जुर्माना देने की सजा सुनाई थी।
शिकायतकर्ता ने क्या बताया था
शिकायतकर्ता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसका भाई सुरिंद्र कुमार और रोहित (अब दिवंगत) 15 मार्च 2007 को दोपहर लगभग 2:15 बजे बाइक पर भटोली चौक की ओर जा रहे थे और बस ऊना की तरफ से तेज गति से आ रही थी। बस ने पहले साइकिल चला रहे हुसैन लाल (शिकायतकर्ता) को टक्कर मारी। फिर चालक ने बस को दूसरी तरफ मोड़ा और बाइक को टक्कर मार दी।
इस हादसे में सुरिंदर कुमार और रोहित की मौके पर ही मृत्यु हो गई। दुर्घटना के समय दोषी बस चला रहा था और दुर्घटना बस की तेज गति और दोषी की लापरवाही के कारण हुई।