Shimla Landslide: शिमला शहर में भूस्खलन से बहुमंजिला भवनों पर मंडराया खतरा, ढली और सेक्टर चार के लोग दहशत में
Himachal Pradesh Landslide शिमला में भारी बारिश के कारण भूस्खलन हो रहा है जिससे ढली और सेक्टर चार में इमारतें खतरे में हैं। न्यू शिमला सेक्टर चार में ...और पढ़ें

HighLights
- शिमला में भूस्खलन, कई इमारतें खतरे में |
- ढली में बहुमंजिला भवन के नीचे भूस्खलन |
- भारी बारिश से दरका रोगी वाहन सड़क, खतरे की जद में घर
जागरण संवाददाता, शिमला। Himachal Pradesh Landslide, हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से जनजीवन बेहाल है। शिमला शहर में भी भूस्खलन के कारण कई भवन खतरे में आ गए हैं। बहुमंजिला भवनों पर खतरा मंडरा रहा है। भारी बारिश से न्यू शिमला सेक्टर चार में रोगी वाहन लायक सड़क पूरी तरह से दरक गई है। इससे यहां के मकान भी खतरे की जद में आ गए हैं। क्षेत्र में सड़क के ऊपर व नीचे दोनों ही तरफ बहुमंजिला भवन पर खतरा मंडराने लगा है।
शहर में कई स्थानों पर भूस्खलन के मामले सामने लगातार आ रहे हैं। कई जगह पर पेड़ गिरने से रास्ता बंद हो रहा है। पेड़ भी खतरा बना हुए हैं। राजधानी के न्यू शिमला सेक्टर-4 में रोगी वाहन लायक सड़क में दरारें आने से डंगा गिर गया है।
शिमला शहर में लैंडस्लाइड... pic.twitter.com/OgEXb2oOev
— Rajesh Sharma (@sharmanews778) September 2, 2025
सड़क के नीचे के घरों के लिए खतरा पैदा हो गया है। सड़क के धंसने से ऊपर की ओर बने कई मकानों को भी खतरा बढ़ गया है। प्रशासन की टीम ने सोमवार को यहां का दौरा किया था। इसके बावजूद अभी तक लोगों को तिरपाल की ही राहत ही मिली है। तिरपाल से भी पानी का रिसाव लगातार हो रहा है।
मार्ग धंसने और डंगा गिरने से खतरा बढ़ा
स्थानीय लोगों ने कहा कि यहां मार्ग धंसने और डंगा गिरने से घरों को खतरा पैदा हो गया है। यहां तक कि लोगों के लिए खतरा बने पेड़ों को काटा नहीं गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि खतरनाक पेड़ों को तुरंत काटा जाए, जहां से डंगा गिरा है, वहां से उसे ठीक कर घरों को सुरक्षित बनाया जाए।
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ढली बाईपास पर बहुमंजिला भवन पर मंडराया खतरा
राजधानी शिमला के ढली बाईपास में एक बहुमंजिला भवन पर भी खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। हेलीपैड के समीप भवन के नीचे से भूस्खलन होना शुरू हो गया है। इसे बचाने के लिए तिरपाल से ढका है, लेकिन पानी का रिसाव लोगों को डरा रहा है। भवन में रह रहे लोगों की सुरक्षा को देखते हुए इसे खाली करने के निर्देश दिए हैं। यहां पर लोग डर के साए में जिंदगी बीता रहे हैं।