यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 17, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हिमाचल प्रदेश: OPS बहाल होने के बाद 60 हजार कर्मियों के वेतन से पेंशन कटौती शुरू, वित्त विभाग ने दी जानकारी
सरकारी क्षेत्र में सेवारत कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल होने के बाद 111478 कर्मचारियों के सामान्य भविष्य निधि के आवेदन अपलोड हो चुके हैं। ...और पढ़ें

HighLights
- वित्त विभाग ने मुख्यमंत्री सुक्खू को ओपीएस कर्मचारियों के खाते अपलोड होने से अवगत करवाया
- 1,11,478 कर्मचारियों के सामान्य भविष्य निधि खाते खुल चुके
- 22 सितंबर को कर्मचारियों से जुड़ा डाटा अपलोड होगा
शिमला, राज्य ब्यूरो। Himachal Old Pension Scheme सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल होने के बाद 1,11,478 के सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) के आवेदन अपलोड हो चुके हैं। महालेखाकार कार्यालय के जीपीएफ सैल की ओर से विभिन्न विभागों के 60 हजार कर्मचारियों के वेतन से पेंशन कटौती शुरू हो चुकी है। जीपीएफ के आवेदन अपलोड करने का कार्य लगभग पूरा हो चुका है।
कुछ दिनों से महालेखाकार कार्यालय के पास अब प्रतिदिन 10 से 15 मेल ही पहुंच रही है। नए आवेदन बहुत कम आ रहे हैं। जिन आवेदनों में त्रुटियां पाई गई थीं, वे संशोधन के लिए पहुंच रहे हैं। माना जा रहा है कि शुक्रवार तक आवेदन अपलोड करने का कार्य पूरा हो जाएगा। उसके बाद कर्मचारियों के वेतन से कटौती की प्रक्रिया तेज होगी।
22 सितंबर तक अपलोड होगा कर्मचारियों का डाटा
जीपीएफ सैल वरिष्ठ लेखा अधिकारी जेआर चौधरी के अनुसार अब जीपीएफ के आवेदन अपलोड करने का कार्य अधिकांशत: पूरा हो रहा है। इस 22 सितंबर तक कर्मचारियों का डाटा अपडेट होने पर स्थिति स्पष्ट होगी। वित्त विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू (CM Sukhvinder Sukhu) को जीपीएफ आवेदन अपलोड होने और वेतन से पेंशन कटौती शुरू होने के संबंध में ताजा जानकारी दी है।
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1.36 लाख हैं एनपीएस कर्मचारी
राज्य में सत्ता में आने के बाद कांग्रेस ने 1.36 लाख राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) कर्मचारियों के लिए ओपीएस बहाल करने का निर्णय लिया था। उसके बाद अप्रैल में एनपीएस के तहत कर्मचारियों के वेतन से होने वाली कटौती बंद कर दी थी। इसी दौरान वित्त विभाग ने मानक संचालन प्रक्रिया जारी करते हुए कर्मचारियों को पेंशन संबंधी विकल्प देने के लिए लिखा था। उसके साथ-साथ सभी विभागीय डीडीओ को कर्मचारियों के जीपीएफ आवेदन तैयार करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए थे।
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राज्य कोषागार विभाग के पास 1.18 लाख एनपीएस कर्मचारियों का डाटा था। जानकारी है कि पांच सौ से कम संख्या में कर्मचारियों व अधिकारियों ने ही एनपीएस में रहने का विकल्प दिया था।
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