हिमाचल पंचायत चुनाव पर दो प्रस्तावित शेड्यूल आए सामने, CM ने चुनावी एलान से पहले कैबिनेट बैठक बुलाई
Himachal Panchayat Chunav, हिमाचल प्रदेश में पंचायत और शहरी निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। राज्य ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव तीन चरण में करवाने की तैयारी है। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
पंचायत व शहरी निकाय चुनाव मई में तीन चरणों में प्रस्तावित।
घोषणा से पहले सीएम सुक्खू ने बुलाई कैबिनेट बैठक।
3757 पंचायतों और 73 निकायों में होंगे चुनाव।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में पंचायत व शहरी निकाय चुनाव के लिए राजनीति पूरी तरह गरमा गई है। चुनाव तिथियों की घोषणा से पहले सीएम सुक्खू ने कैबिनेट की बैठक बुलाई है। राज्य निर्वाचन आयोग 20 अप्रैल के बाद कभी भी पंचायत चुनाव का एलान कर सकता है।
चुनाव तीन चरण में होंगे। 20, 22 व 23 मई या फिर 21, 23 व 24 मई को चुनाव करवाए जा सकते हैं। दोनों ही प्रस्तावित तिथियां रखी गई हैं, हालांकि इसमें बदलाव हो सकता है।
आयोग ने चुनाव चिह्न भी तय कर दिए हैं। मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य अंतिम दौर में है। सुप्रीम कोर्ट ने 31 मई से पहले चुनाव करवाने के आदेश दिए हैं।
3757 पंचायतों सहित 73 निकायों में चुनाव
जून महीने में नए चुने हुए प्रतिनिधियों के लिए शपथ व प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। हिमाचल की 3757 पंचायतों सहित 73 नगर निकायों में चुनाव होने जा रहे हैं।
पार्टी चिह्न पर होंगे नगर निगम चुनाव
कांग्रेस व भाजपा दोनों ही दल इन चुनावों में जीत के लिए पूरा जोर लगाएंगे। पंचायत व शहरी निकाय चुनाव पार्टी चिह्न पर नहीं होंगे। नगर निगम के चुनाव पार्टी चिह्न पर होंगे। यहां पर दोनों प्रमुख राजनीतिक दल ज्यादा से ज्यादा पाषर्दों को जीताकर अपना महापौर व उपमहापौर बिठाने की कोशिश करेगा।
जिला परिषद व बीडीसी अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के लिए गरमाएगी सियासत
इसके अलावा 12 जिला परिषद अध्यक्ष और 92 पंचायत समिति अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पर भी अपनी पार्टी की विचारधारा से संबंधित सदस्य को बिठाने के लिए पूरा जोर लगाएगी। इसके लिए यह जरूरी है कि पार्टी की विचारधारा से संबंध रखने वाले ज्यादा से ज्यादा सदस्य जीतकर आएं।
चुनाव से पहले कैबिनेट बैठक
चुनावी एलान से ठीक पहले सरकार ने 17 अप्रैल को कैबिनेट बैठक बुलाई है। बड़े निर्णय सरकार ले सकती है। सरकार ने बजट में जो एलान किए थे, उन्हें लागू करने का निर्णय चुनाव से पहले हो सकता है।
