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    परमार जयंती पर गरमाई हिमाचल की सियासत: सुक्खू बोले- भाजपा के 16 MLA हारेंगे, जयराम का तंज- CM कांग्रेस का भविष्य बता रहे

    By Parkash Bhardwaj Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Tue, 04 Aug 2026 06:43 PM (IST)

    डॉ. यशवंत सिंह परमार की 120वीं जयंती पर हिमाचल की राजनीति गरमा गई, जहां मुख्यमंत्री सुक्खू ने भाजपा के 16 विधायकों के हारने का दावा किया। इस पर नेता प ...और पढ़ें

    परमार जयंती पर एक साथ बैठक कर चाय पीते पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व सीएम सुखविन्द्र सिंह सुक्खू। जागरण

    परमार जयंती पर एक साथ बैठक कर चाय पीते पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व सीएम सुखविन्द्र सिंह सुक्खू। जागरण

    HighLights

    1. डॉ. परमार की जयंती पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई।

    2. सीएम सुक्खू ने भाजपा के 16 विधायकों की हार का दावा किया।

    3. जयराम ठाकुर ने सुक्खू को भविष्यवक्ता बताकर पलटवार किया।

    राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश के निर्माता और प्रथम मुख्यमंत्री डा. यशवंत सिंह परमार की 120वीं जयंती के अवसर पर मंगलवार को जहां पूरा प्रदेश उन्हें नमन कर रहा था। तो वहीं इस मौके पर प्रदेश की राजनीति भी पूरी तरह गरमा गई। शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर स्थापित डॉ. परमार की प्रतिमा और हिमाचल प्रदेश विधानसभा परिसर में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने विधानसभा पुस्तकालय में डा. परमार को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

    हालांकि, श्रद्धांजलि समारोह के मंच के बाद दोनों शीर्ष नेताओं के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी और आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर शुरू हो गया। हिमाचल निर्माता डा. यशवंत सिंह परमार की जयंती पर रिज मैदान पर परमार की प्रतिमा पर माल्यार्पण से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। रिज मैदान पर आयोजित कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री सहित प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री व विधायक विधानसभा में हुए राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शामिल हुए। 

    सुक्खू का एलान: भाजपा के 16 विधायक दोबारा नहीं जीतेंगे

    समारोह के उपरांत पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश के आगामी राजनीतिक परिदृश्य को लेकर बड़ा दावा किया। भाजपा पर सीधा हमला बोलते हुए सीएम ने कहा कि आने वाले समय में प्रदेश में भाजपा का जनाधार पूरी तरह खिसकने वाला है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के मौजूदा 28 विधायकों में से 16 विधायक अगले विधानसभा चुनाव में अपनी सीट नहीं बचा पाएंगे और वापस सदन में नहीं आ सकेंगे। 

    उपचुनाव नतीजों का मिलेगा फायदा

    इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा की हार पर तंज कसते हुए कहा कि बिहार में नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद भाजपा का ग्राफ तेजी से गिरा है। युवाओं में भाजपा के प्रति भारी नाराजगी है। सीएम ने कहा कि चुनाव परिस्थितियों के अनुरूप होते हैं और देश-प्रदेश में बन रहे मौजूदा राजनीतिक माहौल का सीधा फायदा आगामी समय में कांग्रेस को मिलेगा।

    परमार के विचारों की बदौलत हिमाचल आज तरक्की पर 

    विधानसभा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि डा. यशवंत सिंह परमार के दूरदर्शी विचारों और संघर्ष की बदौलत ही हिमाचल आज विकास की बुलंदियों को छू रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार डा. परमार के आदर्शों पर चलते हुए आत्मनिर्भर हिमाचल के निर्माण की दिशा में धरातल पर काम कर रही है। सरकार का विशेष ध्यान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने पर है, ताकि डा. परमार के पैतृक गांव से लेकर प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंच सके।

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    सुक्खू बने हैं भविष्यवक्ता, कोई नहीं लेता गंभीरता से : जयराम

    मुख्यमंत्री सुक्खू द्वारा भाजपा के 16 विधायकों के हारने के दावे पर तीखा पलटवार करते हुए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री इन दिनों भविष्यवक्ता की भूमिका में आ गए हैं। जयराम ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के बयानों को अब प्रदेश की जनता तो दूर, उनकी अपनी कांग्रेस पार्टी के लोग और नेता भी गंभीरता से नहीं लेते। ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री भाजपा की नहीं, बल्कि खुद कांग्रेस पार्टी की अंदरूनी दुर्दशा और भविष्य की तस्वीर बता रहे हैं। आने वाले समय में कांग्रेस की स्थिति प्रदेश में और भी ज्यादा दयनीय होने वाली है।

    हिमाचल निर्माता की जयंती पर हो भव्य कार्यक्रम

    दूसरी ओर डा. परमार को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि हिमाचल निर्माता की जयंती पर आयोजित कार्यक्रमों का स्वरूप और अधिक भव्य एवं व्यापक होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार कार्यक्रमों में केवल अपनी नीतियों और उपलब्धियों का महिमामंडन कर रही है, जबकि प्रदेश के विकास में पूर्ववर्ती सरकारों के ऐतिहासिक योगदान को पूरी तरह अनदेखा किया जा रहा है, जो कि अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने याद दिलाया कि भाजपा सरकार के दौरान आयोजित स्वर्णिम हिमाचल समारोह में दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी पूर्व सरकारों और मुख्यमंत्रियों के योगदान को उचित सम्मान दिया गया था।

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