विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 26, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

...तो अब विधायक निधि में कटौती करेगी सुक्खू सरकार, सदन में बोले सीएम- निर्णय लेने की क्षमता होनी चाहिए

Published: Tue, 26 Aug 2025 11:22 AM (IST)

Himachal Pradesh News हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार में निर्णय लेने की क्षमता होनी ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू।

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि सरकार में निर्णय लेने की क्षमता होनी चाहिए, न कि केवल समय बर्बाद करने वाली। उन्होंने यह टिप्पणी कृषि मंत्री चंद्र कुमार द्वारा प्राकृतिक खेती से संबंधित नीति बनाने के प्रस्ताव पर दिए गए उत्तर के बाद की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें रोकने की कई कोशिशें की गईं, लेकिन वह अपने लक्ष्य से नहीं हटेंगे। उनका उद्देश्य 2027 तक हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर और 2032 तक सबसे अमीर राज्य बनाना है। 

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार हर क्षेत्र में निर्णय लेती है, जबकि पूर्व सरकार निर्णय लेने में असमर्थ थी। सभी मंत्रियों के विभागों में व्यवस्था परिवर्तन हो रहा है। यदि किसानों और बागबानों के हित में आवश्यकता पड़ी, तो विधायक निधि में कटौती करने का निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना का नया नाम 'राजीव गांधी प्राकृतिक खेती' रखा। 

3000 टैक्सियां ई-टैक्सी में परिवर्तित होंगी

मुख्यमंत्री ने सदन में घोषणा की कि तीन हजार टैक्सियों को ई टैक्सी में परिवर्तित किया जाएगा, जिसमें युवाओं को 40 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। यह योजना ग्रामीण युवाओं को भी शामिल करेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के बाद ग्रामीण अर्थव्यवस्था तीसरा केंद्र बिंदू है, और किसानों को खुशहाल बनाना उनका मुख्य उद्देश्य है।

प्राकृतिक खेती की देखरेख के लिए नियुक्त होगा विशेष अधिकारी

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग में अतिरिक्त निदेशक स्तर का अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो इस योजना की देखरेख करेगा। अगले वर्ष इस योजना का स्वरूप और अधिक विकसित होगा। केंद्र सरकार द्वारा ओपीएस लागू करने के कारण 1600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त उधारी बंद कर दी गई है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती हिमाचल की तकदीर बदलने में सहायक होगी।

किसानों के आत्मनिर्भर बनाने में प्राकृतिक खेती जरूरी : चंद्र

कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल बीमारियों को दूर करती है, बल्कि किसानों के आत्मनिर्भर बनने के लिए भी आवश्यक है। इसके लिए तीन बार परीक्षण किया जाता है और उसके बाद प्रमाणित किया जाता है। नौणी और पालमपुर में प्राकृतिक खेती की जांच के लिए प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी। उन्होंने बताया कि दवा उत्पादकों को हल्दी और अन्य प्राकृतिक उत्पादों के लिए बाजार तलाशने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे बेहतर दाम मिल सके। आंगनबाड़ी और छात्रावासों में प्राकृतिक उत्पाद उपलब्ध कराने की योजना भी बनाई जा रही है।

यह भी पढ़ें- CM Sukhu के विरुद्ध विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाए सुधीर शर्मा, विधानसभा में रोजगार सहित इन मुद्दों पर झूठ बोलने का आरोप

यह भी पढ़ें- हिमाचल भाजपा ने तय कर ली 2027 की रणनीति; बिंदल बोले- दो तिहाई बहुमत से सरकार बनेगी, जयराम का पंचायती चुनाव पर जोर

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।