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    हिमाचल प्रदेश में अन्य विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को करनी पड़ सकती है वापसी, सरकार ने मांगा स्टाफ का डाटा; 22 को अहम बैठक

    By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Mon, 19 Jan 2026 12:33 PM (IST)

    हिमाचल प्रदेश में कर्मचारियों को अपने मूल विभागों में लौटना पड़ सकता है। वित्त विभाग ने अन्य विभागों में कार्यरत स्टाफ का डाटा मांगा है। 22 जनवरी को ए ...और पढ़ें

    हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू। जागरण आर्काइव

    हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू। जागरण आर्काइव

    HighLights

    1. कर्मचारियों को मूल विभागों में वापस भेजा जा सकता है।

    2. वित्त विभाग ने अन्य विभागों से स्टाफ डाटा मांगा।

    3. 22 जनवरी को महत्वपूर्ण बैठक में होगी चर्चा।

    यादवेन्द्र शर्मा, शिमला। हिमाचल प्रदेश के कर्मचारी और अधिकारी जो अन्य विभागों में सेवाएं दे रहे हैं, उन्हें अपने मूल विभागों में लौटना पड़ सकता है। इस संदर्भ में प्रदेश वित्त विभाग ने अन्य विभागों से डाटा मांगा है। सभी विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों और सचिवों की 22 जनवरी को एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है।

    इस बैठक में उन अधिकारियों और कर्मचारियों के अन्य विभागों में कार्यरत रहने पर चर्चा की जाएगी। साथ ही, आवश्यक निर्देश भी जारी किए जा सकते हैं। प्रदेश में सैकड़ों अधिकारी और कर्मचारी ऐसे हैं, जो अपने विभागों की अपेक्षा अन्य विभागों में सेवाएं दे रहे हैं।

    बैठक का यह है उद्देश्य

    सूत्रों के अनुसार, वित्त विभाग का उद्देश्य यह आकलन करना है कि प्रदेश में कितने कर्मचारी अपने कैडर या मूल विभाग से बाहर कार्यरत हैं और इसके पीछे के कारण क्या हैं। विभाग यह भी जानना चाहता है कि क्या मूल विभागों में पद खाली हैं और वहां कर्मचारियों की वास्तविक आवश्यकता क्या है। इसी को लेकर यह महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है।

    कई विभागों में कर्मचारियों की भारी कमी, कुछ में हैं अधिक

    कई विभागों में कर्मचारियों की भारी कमी बताई जा रही है, जबकि कुछ विभागों में आवश्यकता से अधिक स्टाफ तैनात है। ऐसे में कर्मचारियों को अन्य विभागों में समायोजित किया गया है। वित्त विभाग अब इस व्यवस्था की समग्र समीक्षा कर रहा है, जिससे मानव संसाधनों का बेहतर और संतुलित उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

    समायोजन व नई भर्तियों के लिए नई नीति हो सकती है लागू

    वित्त विभाग को भेजे जाने वाले ब्योरे में कर्मचारी का नाम, पद, मूल विभाग, वर्तमान तैनाती विभाग, वहां तैनाती की अवधि और कारणों का स्पष्ट उल्लेख करना अनिवार्य होगा। इसके आधार पर सरकार भविष्य में स्थानांतरण, समायोजन और नई भर्तियों को लेकर नीति निर्धारण कर सकती है।

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    कर्मचारियों की संख्या

    प्रदेश में करीब 1.90 लाख सरकारी कर्मचारी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, जबकि 35 हजार आउटसोर्स पर हैं। कुछ बड़े विभागों में कर्मचारियों की संख्या  

    • विभाग    कर्मचारी
    • शिक्षा        78396
    • लोक निर्माण    19627
    • पुलिस        17541
    • जलशक्ति    15609
    • स्वास्थ्य        13415

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