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    हिमाचल: 100 नहीं अब 125 स्कूलों को मिलेगी CBSE संबंद्धता, कांगड़ा के सबसे ज्यादा विद्यालय सूची में शामिल

    By Anil Thakur Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Sun, 18 Jan 2026 10:56 AM (GMT+05:30)

    हिमाचल सरकार ने 100 की बजाय अब 125 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से संबद्धता देने का निर्णय लिया है। जन प्रतिनिधियों के आग्रह पर 25 अतिरिक्त स्कूलों का चय ...और पढ़ें

    हिमाचल प्रदेश के 125 स्कूलों को सीबीएसई से संबंद्धता दिलाई जाएगी। प्रतीकात्मक फोटो

    हिमाचल प्रदेश के 125 स्कूलों को सीबीएसई से संबंद्धता दिलाई जाएगी। प्रतीकात्मक फोटो

    HighLights

    1. 125 सरकारी स्कूलों को अब सीबीएसई संबद्धता मिलेगी।

    2. जन प्रतिनिधियों के आग्रह पर 25 स्कूल और जुड़े।

    3. शिक्षकों के सब-कैडर पर कैबिनेट में होगी चर्चा।

    अनिल ठाकुर, शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने 100 नहीं, बल्कि 125 सरकारी स्कूलों में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) का पाठ्यक्रम पढ़ाने का निर्णय लिया है। 25 और स्कूलों का चयन कर लिया गया है। इन सभी स्कूलों ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के पास संबद्धता के लिए औपचारिकता पूरी करने को कहा गया था।

    औपचारिकता पूरी होने के बाद स्कूल शिक्षा निदेशालय में ही इन स्कूलों के प्रधानाचार्य को बुलाया गया। यहीं से संबंद्धता के लिए आनलाइन आवेदन किया गया है। जन प्रतिनिधियों की ओर से इन स्कूलों को सीबीएसई की संबंद्धता देने का आग्रह किया गया था। इसके बाद सरकार ने इन स्कूलों को भी सीबीएसई से संबंद्धता देने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

    शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार पहले चरण में 100 स्कूलों को सीबीएसई के तहत लाने की योजना थी। सरकार ने इसे विस्तार देते हुए पहले 25 अतिरिक्त स्कूलों को भी शामिल करने का निर्णय लिया है। इन स्कूलों में पहली से बारहवीं कक्षा तक सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा।

    19 को कैबिनेट में फिर जाएगा मामला

    शिक्षा विभाग ने सीबीएसई स्कूलों के लिए शिक्षकों के सब कैडर बनाने को नियम तय कर दिए हैं। 30 दिसंबर को आयोजित कैबिनेट में इस पर विस्तृत चर्चा हुई थी। सूत्रों के अनुसार 19 जनवरी को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को दोबारा रखा जा रहा है। शिक्षकों के चयन के लिए परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया गया था। इस पर दोबारा से चर्चा होगी। पहले यह तय किया है कि शिक्षकों की श्रेणी और पद के अनुसार प्रश्नपत्र तैयार किए जाएंगे, जिससे विषयगत दक्षता और शिक्षण क्षमता का सही आकलन किया जा सके। सरकार का मानना है कि इससे सीबीएसई स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित होगा।

    इन स्कूलों को भी मिलेगी सीबीएसई से संबंद्धता

    1. राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कपाहरा (बिलासपुर)
    2. राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, ककीरा (चंबा)
    3. राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, भरेरी (हमीरपुर)
    4. राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बड़सर (हमीरपुर)
    5. राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, धर्मशाला महंता (कांगड़ा)
    6. राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कोटला (कांगड़ा)
    7. राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सल्याना (कांगड़ा)
    8. राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, गरली (कांगड़ा)
    9. राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मझीन (कांगड़ा)
    10. राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, रैत (कांगड़ा)
    11. राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, परागपुर (कांगड़ा)
    12. राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, खुंडियां (कांगड़ा)
    13. राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, निचार (किन्नौर)
    14. राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, रिवालसर (मंडी)
    15. राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कांगू (मंडी)
    16. राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, शोघी (शिमला)
    17. राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कुमारसैन (शिमला)
    18. राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, देहा बलसन (शिमला)
    19. राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, झाकड़ी (शिमला)
    20. राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, दत्तनगर (शिमला)
    21. राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, चौपाल (शिमला)
    22. राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कुपवी (शिमला)
    23. राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, ददाहू (सिरमौर)
    24. राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बरोटीवाला (सोलन)
    25. राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, धुंधन (सोलन)

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