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​हिमाचल के 6 जिलों में बरसी आफत: बंगाणा में नाले में बहा युवक, पुल और सड़कें ध्वस्त; अभी राहत नहीं देगा मौसम

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Wed, 19 Aug 2026 02:00 PM (IST)Updated: Wed, 19 Aug 2026 04:38 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, जिससे शिमला, कांगड़ा, हमीरपुर सहित छह जिलों में भूस्खलन, सड़क और पुलों को भारी नुकसान हुआ है।

कुल्लू में एनएच 305 धंसने से पलटी गाड़ी व सड़क पर आया मलबा। जागरण

कुल्लू में एनएच 305 धंसने से पलटी गाड़ी व सड़क पर आया मलबा। जागरण

HighLights

  1. हिमाचल के 6 जिलों में भारी बारिश से तबाही।

  2. कांगड़ा, हमीरपुर, कुल्लू में सड़कें और पुल ध्वस्त।

  3. मौसम विभाग की 21 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी।

जागरण टीम, शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून के सक्रिय रुख के कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी वर्षा से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। शिमला, कांगड़ा, हमीरपुर और बिलासपुर, कुल्लू और लाहुल-स्पीति जिलों में भारी बारिश से नुकसान हुआ है। कांगड़ा में नक्की खड्ड का बहाव सड़क तक पहुंचने से कई गाड़ियां फंस गईं व एक कार बह गई। हमीरपुर के भोरंज क्षेत्र में अस्थायी पुल बह गया।

सुजानपुर में भी नुकसान की सूचनाएं हैं। शिमला में भूस्खलन के कारण कई भवन खतरे की जद में है। पेड़ व मलबा गिरने से कई गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हुई हैं।

वहीं, कुल्लू में एनएच 305 धंस गया है। भूस्खलन के कारण यहां कमांद गांव पर खतरा मंडरा रहा है। लाहुल-स्पीति की मयाड़ घाटी में बादल फटने से सड़क बह गई व पुल बाढ़ में डूब गया है। उधर, भारी बारिश के कारण कांगड़ा घाटी रेल सेवा भी बाधित हो गई है। 

बंगाणा में नाले में बहा युवक

उपमंडल बंगाणा में बुधवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। मक्की की फसल को नुकसान पहुंचा है। उपमंडल के मलांगड़ गांव में बारिश का पानी ऊना-हमीरपुर हाईवे पर बने पुल के ऊपर से बहने लगा। तेज बहाव के कारण पानी गांव के मंदिर व घरों में घुस गया। गांव भरमौत में तेज बारिश के दौरान रिंपल कुमार नाले के तेज बहाव में बह गया। गनीमत रही कि युवक कुछ दूरी पर बांस के झुंड में फंस गया। ग्रामीणों ने काफी तलाश के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

तीन दिन तेवर दिखाएगा मौसम

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आगामी 21 अगस्त तक राज्य के कई इलाकों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में बने चक्रवाती परिसंचरण और मानसून के प्रभाव से प्रदेश में मौसम कड़े तेवर दिखाएगा। 19, 20 और 21 अगस्त को राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी।

इसके बाद 22 अगस्त से मौसम में क्रमिक सुधार होने का अनुमान है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों को नदी-नालों तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की हिदायत दी है।

सुजानपुर टीहरा और धर्मशाला में बरसे बादल

मौसम विभाग द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, बीते 24 घंटों में हमीरपुर के सुजानपुर टीरा में सर्वाधिक 156.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा बिलासपुर के श्रीनैना देवी में 138.6 मिमी, हमीरपुर के नादौन में 128.4 मिमी, कांगड़ा के धर्मशाला में 127.2 मिमी और पालमपुर व कांगड़ा क्षेत्र में 111-111 मिमी मूसलधार बारिश हुई। राजधानी शिमला में 32 मिमी, ऊना के भरवाईं में 118 मिमी, हमीरपुर के नेरी में 94 मिमी और नाहन में 76 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

शिमला और कांगड़ा में गर्जना के साथ बारिश

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार कांगड़ा, सुंदरनगर, कुफरी और शिमला सहित कई इलाकों में गर्जना और बिजली चमकने के साथ तेज बारिश हुई। ताबो में 35 किमी प्रति घंटा और बिलासपुर में 30 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं दर्ज की गईं। राज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान कुकुमसेरी में 12.1 डिग्री सेल्सियस जबकि सर्वाधिक अधिकतम तापमान मंडी में 33.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

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