विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Himachal Panchayat Chunav: हाई कोर्ट के निर्णय पर टिकी निगाहें, क्यों बनी है टकराव की स्थिति; आखिर कब होंगे चुनाव?

By Yadvinder Sharma Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sun, 21 Dec 2025 03:01 PM (IST)Updated: Sun, 21 Dec 2025 06:51 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर सोमवार को हाई कोर्ट में अहम सुनवाई होगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने जवाब ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव पर कल हाई कोर्ट में सुनवाई होगी। प्रतीकात्मक फोटो

हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव पर कल हाई कोर्ट में सुनवाई होगी। प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. हाई कोर्ट में पंचायत चुनाव को लेकर अहम सुनवाई

  2. निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में अपना जवाब किया दायर

  3. 31 जनवरी को खत्म हो रहा जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की दिशा में सोमवार को शिमला स्थित हाई कोर्ट में अहम सुनवाई होने जा रही है। इस संबंध में याचिका दायर की गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में अपना जवाब दायर कर दिया है। 

उधर सरकार की ओर से भी जवाब देने की सूचना है। चुनाव में देरी को लेकर याचिका दायर की गई है। इस संबंध में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने दोनों पक्षों से जवाब दायर करने को कहा था। सभी की नजरें सोमवार को आने वाले आदेश पर टिकी हैं, जिसके आधार पर चुनाव कब होने हैं यह तय होगा।

पंचायत चुनाव को लेकर अधिवक्ता डिक्कन कुमार ठाकुर व हैप्पी ठाकुर ने जनहित याचिका दायर की है। 

यह भी पढ़ें: हिमाचल पंचायत चुनाव: हाई कोर्ट में 30 दिसंबर के लिए टली सुनवाई, सरकार व आयोग ने क्या तर्क दिया?

खत्म हो रहा जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल

हिमाचल प्रदेश पंचायती राज संस्थाओं के चुने हुए प्रतिनिधियों का कार्यकाल 31 जनवरी को समाप्त हो रहा है और निर्धारित नियमों के अनुसार इससे पूर्व चुनाव करवाए जाने आवश्यक है। 

सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग में क्यों पैदा हुआ टकराव

राज्य निर्वाचन आयोग ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत पंचायती राज संस्थाओं आर शहरी निकायों के चुनाव समय पर करवाने के लिए छह माह पूर्व अगस्त में चुनावी प्रक्रिया को शुरू कर दिया। इसके तहत पुनर्सीमांकन के अलावा मतदाता सूचियों को बनाने का कार्य शुरू किया। इस बीच 8 अक्टूबर 2025 को प्रदेश के मुख्य सचिव संजय गुप्ता की तरफ से आपदा प्रबंधन अधिनियम को लागू कर ये कहा गया कि राहत व आपदा से निपटने सड़क मार्ग बहाल होने के बाद पंचायत चुनाव होंगे, ताकि कोई मतदान से वंचित न हो।

इसके बाद सीमाओं में बदलाव को मंजूरी दी गई जो राज्य निर्वाचन आयोग ने आदर्श चुनाव आचार संहिता की धारा 12.1 लागू कर सीमाओं पर रोक लगा दी। इस पर सरकार ने आपत्ति जता दी है कि यह धारा राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। 

चुनाव की दिशा होगी तय

उच्च न्यायालय में होने वाली इस सुनवाई को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि अदालत की ओर से कोई अंतरिम आदेश या दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं, जिससे पंचायती राज चुनाव की आगे की दिशा तय होगी। प्रदेश भर के जनप्रतिनिधि, प्रशासन और आम जनता की निगाहें इस सुनवाई पर टिकी हुई हैं।

3577 पंचायतों में होना है चुनाव

प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं की तीन स्तरीय प्रणाली में 12 जिला परिषद के 250 सदस्यों, जबकि 92 ब्लाक समिति के सदस्यों के अलावा 3577 पंचायत के प्रधान, उपप्रधान और वार्ड पंच का चुनाव होना है।

दो दिन पूर्व हटाए निर्वाचन आयोग के सचिव

प्रदेश सरकार ने दो दिन पूर्व आदेश जारी कर राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव सुरजीत राठौर को हटाकर मुख्यमंत्री के अतिरिक्त सचिव हरीश गज्जू को राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा था।

यह भी पढ़ें: मंडी में पुलिस थाने से चंद दूरी पर चोरी, पूरी वारदात CCTV में कैद; माचिस जलाकर नकदी चुराई फिर पुराने जूते उतार नए पहन गए 

यह भी पढ़ें: Snowfall in Himachal: क्रिसमस से पहले हिमाचल के पर्यटन स्थलों में बर्फबारी, रोहतांग और शिंकुला में फाहों के बीच झूमे सैलानी

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।