हिमाचल में 2028 तक TET पास न किया तो 8727 शिक्षकों की जाएगी नौकरी, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शिक्षा विभाग सख्त
हिमाचल प्रदेश में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 8727 शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करनी होगी, अन्यथा उनकी नौकरी जा सकती ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश के शिक्षकों को दो साल में टेट पास करना होगा। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
8727 शिक्षकों को 2028 तक TET पास करना अनिवार्य।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शिक्षा विभाग सख्त हुआ।
TET उत्तीर्ण न करने पर नौकरी जा सकती है।
राज्य ब्यूरो, शिमला। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हिमाचल में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) उत्तीर्ण किए बिना कार्यरत शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक हर हाल में इसे पास करना होगा। शिक्षा विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। तय समय सीमा में योग्यता हासिल न करने वाले शिक्षकों की नौकरी तक जा सकती है। सरकारी स्कूलों में 8727 शिक्षक टेट उत्तीर्ण नहीं हैं। इनमें 5552 जेबीटी, 853 एचटी, 459 सीएचटी, 377 सीएंडवी और 1486 टीजीटी शामिल हैं। इन सभी का सेवाकाल पांच वर्ष या इससे अधिक शेष है। इनकी नियुक्तियां वर्ष 2010 से पहले हुई थीं।
शिक्षा सचिव का आदेश
सचिव शिक्षा राकेश कंवर ने स्कूल शिक्षा निदेशक को निर्देश दिए हैं कि बिना टेट वाले सभी शिक्षकों की सूची तैयार कर उन्हें 31 अगस्त, 2028 तक टेट उत्तीर्ण कराने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।
दो बार टेट परीक्षा का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने फैसले और समीक्षा याचिका पर आदेश में इन-सर्विस शिक्षकों को अतिरिक्त समय देने के साथ राज्यों को वर्ष में दो बार टेट परीक्षा आयोजित करने के निर्देश भी दिए हैं। शिक्षा विभाग हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से वर्ष में दो बार टेट आयोजित कराने का आग्रह करेगा। साथ ही परीक्षा कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार और प्रत्येक पात्र शिक्षक की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
हिमाचल में 2010 में आरंभ किया था टेट
सुप्रीम कोर्ट ने पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को पढ़ाने वाले सभी सरकारी-निजी शिक्षकों के लिए टेट अनिवार्य किया है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) में शिक्षक के लिए टेट अनिवार्य है। वर्ष 2009 में आरटीई लागू किया गया था। हिमाचल में 2010 में टेट आरंभ किया था। 2010 से पहले जितने भी शिक्षक लगे हैं, वे टेट उत्तीर्ण नहीं हैं। इनमें कई शिक्षक सेवानिवृत्त हो चुके हैं।