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    हिमाचल में अस्थायी शिक्षक भर्ती का फार्मूला तैयार, 100 अंक से होगा मूल्यांकन; 25000 रुपये मानदेय मिलेगा

    By Anil Thakur Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Fri, 07 Aug 2026 06:47 AM (IST)

    हिमाचल सरकार दुर्गम व जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए समग्र शिक्षा अभियान के माध्यम से अस्थायी शिक्षकों की भर्ती करेगी। चयन 100 ...और पढ़ें

    हिमाचल में अस्थायी शिक्षक नियुक्ति का फार्मूला तैयार कर लिया गया है। प्रतीकात्मक फोटो

    हिमाचल में अस्थायी शिक्षक नियुक्ति का फार्मूला तैयार कर लिया गया है। प्रतीकात्मक फोटो

    HighLights

    1. दुर्गम व जनजातीय क्षेत्रों में होगी अस्थायी शिक्षकों की भर्ती।

    2. चयन के लिए 100 अंकों का मूल्यांकन मानदंड निर्धारित।

    3. चयनित शिक्षकों को मिलेगा 25,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय।

    राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य के दुर्गम व जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए अस्थायी शिक्षकों की भर्ती करने जा रही है। समग्र शिक्षा अभियान (एसएसए) के माध्यम से यह भर्ती की जाएगी। इससे पहले अस्थायी शिक्षकों जिनमें एसएमसी, पीटीए शिक्षकों की भर्तियां हुई थी वह शिक्षा विभाग ने की थी। इस बार एसएसए को यह जिम्मा सौंपा जा रहा है। 

    एसएसए ने इसका प्रारूप तैयार कर दिया है। यह भर्तियां एक साल के लिए होंगी। एक साल बाद दोबारा से मेरिट तैयार की जाएगी। इसमें किसी अभ्यर्थी से अधिक मेरिट वाला उम्मीदवार उपलब्ध होता है तो उसे प्राथमिकता दी जाएगी। हर साल शिक्षकों के साथ करार किया जाएगा। 

    100 अंक का मूल्यांकन

    चयन के लिए 100 अंकों का मूल्यांकन मानदंड निर्धारित होगा। जिस श्रेणी के लिए भर्ती होगी उसके लिए भर्ती एवं पदोन्नति नियम में जो शैक्षणिक योग्यता है वह होना अनिवार्य है। पीजी डिग्री, एमफिल, पीएचडी और शैक्षिक अनुभव के अतिरिक्त अंक निर्धारित किए जाएंगे। 

    25 हजार मानदेय

    चयनित शिक्षकों को 25,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। समग्र शिक्षा अभियान ने इसका प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे मंजूरी के लिए कैबिनेट को भेजा जाएगा।

    दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी

    जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी है। नियमित शिक्षक इन क्षेत्रों में तैनाती से बचते हैं। तबादला रुकवाने के लिए कोई न कोई जुगाड़ लगा लेते हैं। हालांकि मौजूदा सरकार ने नई नियुक्तियों में पहले दूर दराज व जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षकों को पहली नियुक्ति दी है ताकि वहां शिक्षकों की कमी को दूर किया जा सके। 

    जम्मू कश्मीर दौरे पर लिया था जायजा

    शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में विभाग का दल जम्मू कश्मीर के शैक्षणिक दौरे पर गया था। वहां पर यह माडल लागू है। मंत्री ने निदेशक स्कूल शिक्षा को इसकी रिपोर्ट तैयार करने को कहा था। विभाग की रिपोर्ट के आधार पर ही इसका प्रस्ताव तैयार किया गया है। दो रोज पूर्व शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में हुई विभागीय समीक्षा बैठक में इस पर विस्तृत चर्चा की जा चुकी है।

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