हिमाचल हाई कोर्ट ने CBSE स्कूल शिक्षकों की छंटनी परीक्षा पर निर्णय रखा सुरक्षित, अंतिम परिणाम को लेकर रखी शर्त
हिमाचल हाई कोर्ट ने सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की छंटनी परीक्षा के खिलाफ दायर मामले पर अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है। कोर्ट ने इस परीक्षा के परिणा ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट का शिमला स्थित परिसर। जागरण आर्काइव
HighLights
हाई कोर्ट ने छंटनी परीक्षा पर फैसला सुरक्षित रखा।
शिक्षकों के परीक्षा परिणाम घोषित करने पर रोक लगाई।
अंतिम परिणाम कोर्ट की अनुमति बिना जारी नहीं।
विधि संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने सीबीएसई स्कूलों में पढ़ाने के लिए शिक्षकों की छंटनी परीक्षा के विरुद्ध दायर मामले पर अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है। इस मामले में कोर्ट ने परीक्षार्थी बने शिक्षकों के परीक्षा परिणाम को घोषित करने पर रोक लगा रखी है।
अंतिम परिणाम बिना अनुमति नहीं कर सकेंगे जारी
कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि प्रतिवादियों द्वारा परीक्षा का संचालन जारी रखा जा सकता है, लेकिन अंतिम परिणाम अदालत की अनुमति के बिना जारी नहीं किया जाएगा।
उचित निर्णय लेने में बाधक नहीं
कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के साथ अन्य लोगों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार को उन शिकायतों पर उचित निर्णय लेने की छूट दी है और कहा है कि वर्तमान रिट याचिका का कोई भी प्रभाव प्रतिवादियों द्वारा उचित निर्णय लेने में बाधक नहीं बनेगा।
खंडपीठ कर रही सुनवाई
न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ के समक्ष हिमाचल प्रदेश ज्वाइंट टीचर्स फ्रंट द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई हो रही है।
151 स्कूलों को सीबीएसई मान्यता
हिमाचल प्रदेश में सरकार ने 151 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई मान्यता प्रदान की है, इन स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती के लिए हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के माध्यम से छंटनी परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। इसके विरोध में ज्वाइंट टीचर्स फ्रंट ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है।