चीन सीमा पर ह्यूमनाइड रोबोट भारत के लिए कितनी चुनौती? लेफ्टिनेंट जनरल दहिया बोले- मशीनों के प्रदर्शन से घबराने की जरूरत नहीं
लेफ्टिनेंट जनरल सुकृति सिंह दहिया ने कहा कि चीन के ह्यूमनाइड रोबोट भारत के लिए चुनौती नहीं हैं। उन्होंने शिमला में वेटरंस डे पर बताया कि युद्ध सैनिकों ...और पढ़ें

शिमला में पूर्व सैनिकों से बातचीत करते चीफ आफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल सुकृति सिंह दाहिया। सौ. आरट्रेक
HighLights
चीन के ह्यूमनाइड रोबोट भारत के लिए चुनौती नहीं।
युद्ध सैनिकों की क्षमता से जीते जाते हैं, मशीनों से नहीं।
सेना दिवस पर प्रशिक्षण और ऑपरेशन सिंदूर के सबक।
जागरण संवाददाता, शिमला। आर्मी ट्रेनिंग कमांड (आरट्रैक) के चीफ आफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल सुकृति सिंह दहिया ने कहा कि सीमा क्षेत्रों में चीन की ओर से ह्यूमनाइड रोबोट की तैनाती भारत के लिए कोई गंभीर चुनौती नहीं हैं। उन्होंने कहा कि युद्ध मशीनों से नहीं बल्कि उन्हें संचालित करने वाले सैनिकों की गुणवत्ता और क्षमता से जीते जाते हैं।
शिमला में वेटरंस डे पर उन्होंने कहा कि भारतीय सेना दुनिया की सबसे मजबूत और पेशेवर सेनाओं में से एक है, इसलिए सीमा पर मशीनों के प्रदर्शन से घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। युद्ध में कभी मशीन मायने नहीं रखती, मायने रखता है मशीन के पीछे खड़ा सैनिक।
उन्होंने कहा कि 78वें सेना दिवस पर सेना के प्रशिक्षण से जुड़े भविष्य के कई अहम कदमों की औपचारिक घोषणा की जाएगी। आरट्रैक आधुनिक युद्ध की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण प्रणाली को लगातार मजबूत कर रहा है। हाल ही में संपन्न आपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे कई महत्वपूर्ण सबक मिले हैं, जिन्हें सेना दिवस पर साझा किया जाएगा।
सेना दिवस पर हम कई अच्छी बातें साझा करेंगे। आपरेशन सिंदूर के अनुभव के आधार पर कई अहम सबक मिले हैं, जिनकी जानकारी दी जाएगी।
इसलिए शुरू किया गया वेटरंस डे
उन्होंने कहा कि वेटरंस डे की शुरुआत 10 वर्ष पहले इस सोच के साथ की गई थी कि सेना दिवस से पहले पूर्व सैनिकों के साथ औपचारिक संवाद किया जाए। रिटायर्ड मेजर डा. ऋतु कालरा ने कहा कि ये बहुत जरूरी है कि सेना की इकाइयां वेटरंस को पहचान और सम्मान दें। यह बहुत जरूरी है कि सेना की इकाइयां वेटरंस को पहचान और सम्मान दें। वर्दी छोड़ने का मतलब यह नहीं कि हमारा महत्व कम हो गया है। सेना दिवस या वेटरंस डे समारोह का हिस्सा बनना हमारे लिए गर्व की बात है।