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    कारगिल हीरो विक्रम बतरा समेत हिमाचल के 52 जवान हुए थे देश के लिए बलिदान, बर्फीली चोटियों पर दिखाई थी असाधारण वीरता

    By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Sun, 26 Jul 2026 11:08 AM (IST)

    कारगिल विजय दिवस पर हिमाचल प्रदेश के 52 वीर जवानों को याद किया गया, जिन्होंने 1999 के युद्ध में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। असाधारण वीरता का प्रद ...और पढ़ें

    कारगिल में परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बतरा सहित हिमाचल के 52 जवान देश के लिए बलिदान हुए थे।

    कारगिल में परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बतरा सहित हिमाचल के 52 जवान देश के लिए बलिदान हुए थे।

    HighLights

    1. हिमाचल के 52 जवानों ने कारगिल युद्ध में सर्वोच्च बलिदान दिया।

    2. कैप्टन विक्रम बतरा, सूबेदार मेजर संजय कुमार को परमवीर चक्र।

    3. कांगड़ा और मंडी जिलों से सर्वाधिक जवानों ने शहादत दी।

    राज्य ब्यूरो, शिमला। कारगिल विजय दिवस भारत की सैन्य जीत के साथ उन वीर सैनिकों के अद्वितीय साहस और बलिदान का स्मरण है, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए प्राण न्योछावर किए। 1999 के कारगिल युद्ध में हिमाचल प्रदेश के 52 जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया, जिनका योगदान पूरे देश को गौरवान्वित करता है। ऑपरेशन विजय के दौरान कारगिल की दुर्गम और बर्फीली चोटियों पर दुश्मन को खदेड़ने में हिमाचल के सैनिकों ने असाधारण वीरता दिखाई।

    सबसे अधिक 15 जवान कांगड़ा और 12 जवान मंडी जिले से बलिदान हुए। इसके अतिरिक्त हमीरपुर, बिलासपुर, शिमला, ऊना, सोलन, सिरमौर, चंबा और कुल्लू के वीरों ने भी शौर्य का परिचय दिया।

    हिमाचल के वीरों को मिले मेडल

    कारगिल युद्ध में हिमाचल के सैनिकों को दो परमवीर चक्र, पांच वीर चक्र, नौ सेना मेडल, एक युद्ध सेना मेडल, दो उत्तम युद्ध सेना मेडल और दो 'मेंशन इन डिस्पैच' सम्मान प्रदान किए गए।

    परमवीर चक्र विजेता

    पालमपुर के कैप्टन विक्रम बतरा को मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। उनका उद्घोष "ये दिल मांगे मोर" आज भी भारतीय सेना के साहस का प्रतीक है। बिलासपुर के सूबेदार मेजर (तत्कालीन राइफलमैन) संजय कुमार को भी दुश्मन के बंकरों पर कब्जा करने में दिखाई गई वीरता के लिए परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।

    चीन से हुए युद्ध में भी दिखाया था जोश

    कारगिल युद्ध के रणनीतिकार रहे ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर का कहना है कि कारगिल ही नहीं, पाकिस्तान और चीन के साथ हुए युद्ध में भी हिमाचल के सैनिकों ने बहादुरी, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल कायम की है। भारतीय सेना में हिमाचल के जवानों को उनके साहस और समर्पण के लिए विशेष सम्मान प्राप्त है।

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    वीर चक्र सम्मान प्राप्त करने वाले

    कैप्टन अमोल कालिया, स्व. हवलदार उद्धम सिंह, राइफलमैन श्याम सिंह, मेजर संजीव सिंह व राइफलमैन मेहर सिंह। 

    सेना मेडल सम्मान प्राप्त करने वाले

    स्व. नायक अश्विनी कुमार, स्व. कैप्टन दीपक गुलेरिया, स्व. हवलदार डोला राम, पूर्व नायक दलीप सिंह, मेजर जनरल कुलवीर सिंह, ब्रिगेडियर अनिल कायस्थ, पूर्व नायब सूबेदार श्रवण सिंह, नायक अजय पठानिया व पूर्व आनरेरी कैप्टन खूब राम।

    खुशाल ठाकुर को युद्ध सेना मेडल

    सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर को युद्ध सेना मेडल और एवीएम जेके पठानिया को उत्तम युद्ध सेना मेडल मिला। लेफ्टिनेंट जनरल पीसी कटोच को मरणोपरांत उत्तम युद्ध सेना मेडल दिया गया था। मेंशन इन डिस्पैच सम्मान पाने वालों में स्व. हवलदार कश्मीर सिंह व कर्नल मदन लाल शर्मा शामिल हैं। 

    कारगिल युद्ध में बलिदान हुए सैनिक

    • कैप्टन विक्रम बतरा, पीवीसी (पालमपुर, कांगड़ा)
    • सौरभ कालिया (पालमपुर, कांगड़ा)
    • ग्रेनेडियर विजेंद्र सिंह (बणे दी हट्टी, कांगड़ा)
    • रायफलमैन राकेश कुमार (पालमपुर, कांगड़ा)
    • लांस नायक वीर सिंह (घाड़ जरोट, कांगड़ा)
    • रायफलमैन अशोक कुमार (जवाली, कांगड़ा)
    • रायफलमैन सुनील कुमार (धर्मशाला, कांगड़ा)
    • सिपाही लखबीर सिंह (गंगथ, कांगड़ा)
    • नायक ब्रह्मदास (मस्सल, कांगड़ा)
    • रायफलमैन जगजीत सिंह (नूरपुर, कांगड़ा)
    • सिपाही संतोष सिंह (जटोली, कांगड़ा)
    • हवलदार सुरेंद्र सिंह (मतलाहड़, कांगड़ा)
    • लांस नायक पदम सिंह (इंदौरा, कांगड़ा)
    • ग्रेनेडियर सुरजीत सिंह (सुनेहत, कागड़ा)
    • ग्रेनेडियर योगिंद्र सिंह (अंब पठियार, कांगड़ा)
    • कैप्टन दीपक गुलेरिया (मंडी)
    • नायब सूबेदार खेम चंद राणा (गांव टाडु, मंडी)
    • हवलदार कृष्ण चंद (रामनगर, मंडी)
    • नायक स्वर्ण कुमार (रिवालसर, मंडी)
    • सिपाही टेक सिंह (सयाना, मंडी)
    • सिपाही राजेश कुमार चौहान (धनोटू, मंडी) 
    • सिपाही नरेश कुमार (धनेश्वरी, मंडी) 
    • सिपाही हीरा सिंह (जाल, मंडी)
    • ग्रेनेडियर पूर्ण चंद (दरन जहल, मंडी)
    • नायक मेहर सिंह (गागल, मंडी) 
    • लांस नायक अशोक कुमार (पयरी, मंडी)
    • हवलदार कश्मीर सिंह (ऊहल, हमीरपुर)
    • हवलदार राजकुमार (बगलु, हमीरपुर)
    • हवलदार स्वामी दास चंदेल (समलेहड़ा, हमीरपुर)
    • सिपाही राकेश कुमार (कच्च पलाहीं, हमीरपुर)
    • रायफलमैन प्रवीण कुमार (गांव सुन्हानी, हमीरपुर)
    • सिपाही सुनील कुमार (तनयान्कड़, हमीरपुर)
    • रायफलमैन दीप चंद (बरोटी, हमीरपुर)
    • हवलदार उधम सिंह (छैहड़ी, बिलासपुर)
    • नायक मंगल सिंह (कोठी, बिलासपुर)
    • रायफलमैन विजय पाल (पट्टा, बिलासपुर)
    • हवलदार राजकुमार (मढौण, बिलासपुर)
    • नायक अश्वनी कुमार (जेजवीं, बिलासपुर)
    • हवलदार प्यार सिंह (खतेहर, बिलासपुर)
    • नायक मस्त राम (डोहक, बिलासपुर)
    • ग्रेनेडियर यशवंत सिंह (गांव केवाली, शिमला)
    • राइफलमैन श्याम सिंह (करेला, शिमला)
    • ग्रेनेडियर नरेश कुमार (गांव मूल भज्जी, शिमला) 
    • ग्रेनेडियर अनंत राम (भराड़ा, शिमला) 
    • कैप्टन अमोल कालिया (नया नंगल, ऊना)
    • राइफलमैन मनोहर लाल (कुठार बीत, ऊना)
    • सिपाही धर्मेंद्र सिंह (बुघर, सोलन)
    • राइफलमैन प्रदीप कुमार (पंडल, सोलन)
    • राइफलमैन कुलविंदर सिंह (यहवाला, सिरमौर)
    • सिपाही खेम राज (गोला, चंबा)
    • हवलदार डोला राम (सकरोली, कुल्लू)
    • राइफलमैन कल्याण सिंह (हलाण, सिरमौर)।

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