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    कुल्लू रेव पार्टी मामले में अब SDM का भी होगा तबादला, DC व SP बदलने के बाद सरकार ने हाई कोर्ट में रखा पक्ष

    By Rohit Nagpal Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Thu, 06 Aug 2026 04:55 PM (IST)

    हिमाचल सरकार ने कुल्लू रेव पार्टी मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर डीसी और एसपी का तबादला कर दिया है, एसडीएम का तबादला भी जल्द होगा। सुप्रीम कोर्ट ने डीस ...और पढ़ें

    हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट का शिमला स्थित परिसर। जागरण आर्काइव

    हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट का शिमला स्थित परिसर। जागरण आर्काइव

    HighLights

    1. हिमाचल सरकार ने कुल्लू रेव पार्टी मामले में डीसी, एसपी का तबादला किया।

    2. हाईकोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई, एसडीएम का तबादला भी जल्द।

    3. सुप्रीम कोर्ट ने डीसी-एसपी के खिलाफ एफआईआर पर लगाई रोक।

    विधि संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में रेव पार्टी मामले में राज्य सरकार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के आदेशानुसार डीसी और एसपी का तबादला कर दिया है। एसडीएम का तबादला भी जल्द कर दिया जाएगा। हाई कोर्ट ने कसोल के जंगलों में हुई रेव पार्टियों में प्रशासनिक लापरवाही और नशे के इस्तेमाल पर स्वत: संज्ञान लेते हुए उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और एसडीएम के तबादले व दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था। 

    इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। सुप्रीम कोर्ट ने कुल्लू के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक के खिलाफ प्राथमिकी व एसआइटी जांच पर रोक लगा दी, हालांकि उनके तबादले का आदेश बरकरार रखा था। अब मामले की सुनवाई 20 अगस्त के लिए टल गई है।

    एसपी व डीसी का तबादला

    प्रदेश सरकार ने सुनवाई से एक दिन पहले बुधवार को कुल्लू के उपायुक्त अनुराग शर्मा और पुलिस अधीक्षक मदन लाल का तबादला कर दिया था। सरकार ने आइएएस अनुराग शर्मा की जगह एचएएस अधिकारी सुरजीत सिंह को कुल्लू के उपायुक्त का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है, जबकि आइपीएस अभिषेक को पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया है। 

    यह है मामला

    विवाद कुल्लू जिले की पार्वती घाटी, विशेषकर कसोल क्षेत्र में जून में आयोजित कथित रेव पार्टियों से जुड़ा है। जनहित याचिका में आरोप लगाया था कि पर्यटन की आड़ में बड़े स्तर पर रेव पार्टियों का आयोजन कर खुलेआम नशीले पदार्थों का सेवन और कारोबार किया। प्रशासन और पुलिस पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई न करने के आरोप लगाए थे। हाई कोर्ट की खंडपीठ ने कार्रवाई का आदेश दिया था। सरकार मामला सुप्रीम कोर्ट लेकर गई थी।

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