Shimla Landslide: मंत्रियों के आवास पर आपदा की मार, शिमला में भूस्खलन से खतरे की जद में आए भवन करवाए खाली
Landslide in Shimla शिमला में भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन से वीआईपी क्षेत्र बैनमोर वार्ड में मंत्रियों के आवासों सहित कई घर खतरे में आ गए हैं। प्रशा ...और पढ़ें

HighLights
- शिमला में भूस्खलन, मंत्रियों के आवास खतरे में |
- 40 से अधिक लोग सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित |
- राजेश धर्माणी व गोकुल बुटेल के आवास को खतरा, एहतियातन खाली करवाए
- 10 से ज्यादा भवनों को खतरा, 40 लोग सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट
जागरण संवाददाता, शिमला। Landslide in Shimla, हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में बरसात के कहर से छुटकारा मिलता नजर नहीं आ रहा है। शहर के वीआइपी क्षेत्र बैनमोर वार्ड में सोमवार देर रात भारी भूस्खलन हुआ। इसमें आम शहरी के घरों के अलावी टीसीपी मंत्री राजेश धर्माणी व मुख्यमंत्री के आईटी सलाहकार गोकुल बुटेल का सरकारी आवास भी खतरे की जद में आ गया है।
इनके अलावा कई अन्य मंत्रियों के आउटहाउस भी खतरे की जद में हैं। इन भवनों को खाली करवा दिया गया है। अभी शिमला विधानसभा में मानसून सत्र चल रहा है, इस कारण पूरी सरकार, मंत्री व पक्ष और विपक्ष के विधायक शहर में ही हैं। इन नेताओं को भी आवास खाली करने पड़े हैं।
इस मामले में सरकारी व निजी मिलाकर 10 से ज्यादा भवनों पर खतरा मंडराने लगा है। इस भूस्खलन में फंसे 40 से ज्यादा लोगों को प्रशासन ने रात के समय ही सुरक्षित निकाल कर दूसरे स्थानों में शिफ्ट कर दिया था।
भवनों की सुरक्षा के लिए पानी का कटाव रोका है, साथ ही प्रशासन ने अपनी तरफ से मशीनें व मजदूरों को लगाकर बंद सड़कों को भी खोल दिया है। नगर निगम के मेयर सुरेंद्र चौहान, पार्षद शीनम कटारिया घटना के बाद से ही लोगों की मदद में लगे रहे। जिला व निगम प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।
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नेता प्रतिपक्ष बोले, पिछले साल लगाया डंगा ही ढह गया
मंगलवार को सुबह के समय शिमला में रामचंद्र चौक पर भूस्खलन का निरीक्षण करने के लिए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर भी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बाधित सड़क से पैदल ही आगे तक का सफर किया। उन्होंने कहा कि यह डंगा पिछले साल ही लगाया गया था, जो इतनी सी अवधि में ही जवाब दे गया।
स्थानीय विधायक ने भी किया निरीक्षण
रामचंद्र चौक में भारी भूस्खलन के बाद स्थिति का जायजा लेने के लिए स्थानीय विधायक हरीश जनार्था भी पहुंचे। शहरी विधायक मंगलवार को निरीक्षण करने पहुंचे ओर सभी अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया। इस कारण रामचंद्र चौक से होते हुए हैनॉल्ट पब्लिक स्कूल तक की आवाजाही बंद हो गई थी , इसलिए बच्चों को भी स्कूल जाने में बड़ी समस्या आ रही थी। विधायक ने मौके पर ही अधिकारियों को रास्ता बहाल करने के निर्देश जारी किए।
छोटे शिमला में दो घरों पर गिरा पेड़
छोटा शिमला में सोमवार की रात पेड़ दो घरों पर गिरा। इससे दोनों घरों को क्षति पहुंची है। मेयर ने खुद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करवा दिया। हिमलैंड में भी डंगा टूटने के बाद कई बहुमंजिला भवनों पर खतरा मंडराने लगा है।