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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 17, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Shimla News: अब चार और पांच जनवरी को होंगी राजस्व लोक अदालतें, 35 हजार से ज्‍यादा लंबित मामलों पर होगी सुनवाई

    By Jagran NewsEdited By: Himani Sharma
    Updated: Sun, 17 Dec 2023 09:58 AM (IST)

    Shimla News अब चार और पांच जनवरी को राजस्व लोक अदालतें आयोजित होंगी। इस अदालत में 35212 मामलों की सुनवाई होगी। राजस्व विभाग ने उपायुक्तों और बंदोबस्त ...और पढ़ें

    35 हजार से ज्‍यादा लंबित मामलों पर होगी सुनवाई (सांकेतिक फोटो)
    35 हजार से ज्‍यादा लंबित मामलों पर होगी सुनवाई (सांकेतिक फोटो)

    HighLights

    1. अदालत में 35,212 मामलों की सुनवाई होगी।
    2. प्रदेश मे तीन दिसंबर तक तकसीम के 27,949 और इंतकाल के 7263 मामले लंबित थे।
    3. तकसीम का तीन दिसंबर तक सभी मामलों का निपटारा कर दिया गया था।

    राज्य ब्यूरो, शिमला। इंतकाल और तकसीम के लंबित मामलों को निपटाने के लिए अब चार और पांच जनवरी को राजस्व लोक अदालतें आयोजित होंगी। इसमें 35,212 मामलों की सुनवाई होगी। राजस्व विभाग ने उपायुक्तों और बंदोबस्त अधिकारियों को पत्र लिख कर सूचित किया है कि वे संबंधित जिलों में राजस्व लोक अदालतों का आयोजन कर मामलों का निपटारा करें।

    लंबित मामलों का देना होगा ब्‍यौरा

    विभाग निपटाए मामलों की प्रगति रिपोर्ट भी भेजना तय करें। इसके लिए विभाग द्वारा फारमेट जारी किया गया है, जिसमें दो और तीन दिसंबर को आयोजित राजस्व लोक अदालतों का ब्यौरा भर कर देना है। बताना होगा कि दिसंबर में लोक अदालत में कितने मामले लंबित थे और कितने मामलों का निपटारा किया गया। यह भी बताना होगा कि चार और पांच जनवरी को कितने मामले लंबित थे और कितनों का निपटारा किया गया।

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    मुख्यमंत्री सुक्खू लोगों से लेंगे फीडबैक

    राजस्व संबंधी मामलों का निपटारा करने के लिए सरकार ने लोक अदालतों का आयोजन कर लोगों को राहत देने की कोशिश की है। सरकार ने संबंधित सभी अधिकारियों से उन सभी लोगों की सूची भी तलब की है, जिनके मामले लंबित थे। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री स्वयं लोगों से बात करके फीडबैक भी लेंगे और काम की प्रगति को भी जानेंगे।

    लगातार आ रहे हैं मामले

    प्रदेश मे तीन दिसंबर तक तकसीम के 27,949 और इंतकाल के 7263 मामले लंबित थे। इसके अतिरिक्त दिसंबर में इन मामलों में वृद्धि हुई है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के गृह जिला किन्नौर में राजस्व इंतकाल के मामलों को निपटाने में अधिकारियों ने चुस्ती दिखाई है। यहां तकसीम का तीन दिसंबर तक सभी मामलों का निपटारा कर दिया गया था। इंतकाल के भी सिर्फ 138 मामले ही लंबित थे।

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