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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Himachal News: पटवारी और कानूनगो महासंघ का आंदोलन समाप्त, सरकार को दिया दो माह का समय; आज से संभालेंगे कार्यभार

    Updated: Wed, 21 Aug 2024 11:17 AM (IST)

    Himachal Pradesh Latest News पटवारी और कानूनगो महासंघ ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया है। महासंघ ने मांगों को पूरा करने के लिए सरकार को दो महीने का समय ...और पढ़ें

    संयुक्त पटवारी और कानूनगो महासंघ ने खत्म किया आंदोलन (प्रतीकात्मक तस्वीर)
    संयुक्त पटवारी और कानूनगो महासंघ ने खत्म किया आंदोलन (प्रतीकात्मक तस्वीर)

    HighLights

    1. महासंघ ने मांगों को पूरा करने के लिए दिया दो महीने का समय।
    2. 15 अगस्त को मुख्यमंत्री सुक्खू से मिले थे पटवारी और कानूनगो।

    राज्य ब्यूरो, शिमला। संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ ने मंगलवार को राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव से बैठक के बाद आंदोलन को समाप्त कर दिया। अब पटवारी और कानूनगो बुधवार से ऑनलाइन सेवाएं प्रदान करने के अतिरिक्त 500 पटवार सर्कल का अतिरिक्त कार्यभार भी संभाल लेंगे। वे तहसीलदारों को सौंपी चाभियां वापस ले लेंगे।

    मांगें पूरा करने के लिए दो माह का समय दिया

    महासंघ ने अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व को मांगपत्र सौंपा और मांगों को पूरा करने के लिए दो माह का समय दिया। स्टेट कैडर को समाप्त करने की मांग अभी समाप्त नहीं हुई है।

    इस संबंध में अधिसूचना जारी होती है तो कलम छोड़ आंदोलन होगा। इससे पहले पटवारी व कानूनगो 15 अगस्त को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से देहरा में मिले थे।

    यह है प्रमुख मांगें

    • कानूनगो का नायब तहसीलदारी कोटा 60 से 80 प्रतिशत किया जाए।
    • कानूनगो व नायब तहसीलदार के भर्ती एवं पदोन्नति में संशोधन व विभागीय परीक्षा तर्कसंगत हो।
    • चार पटवार वृत पर एक कानूनगो वृत गठित हो। लैंड रिकार्ड मैनुअल के आधार पर पटवार वृत सृजित हों।
    • भू-व्यवस्था के कानूनगो की पदोन्नति बतौर नायब तहसीलदार भू व्यवस्था में हो।
    • सभी पटवारखानों व कानूनगो भवन को रहने व कार्य करने लायक बनाया जाए। हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्शन से जोड़ा जाए।
    • कानूनगो के रिक्त पदों को भरने के लिए सेवानिवृत्त कानूनगो को पुनर्नियुक्ति देने के बजाय योग्य पटवारियों को एकमुश्त छूट दी जाए।
    • पटवारी एवं कानूनगो की वेतन विसंगतियों को दूर किया जाए व पटवारी एवं कानूनगो के वेतन व भत्तों में वृद्धि की जाए।

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    मुख्यमंत्री ने मुख्य मांगों को मानने के लिए आश्वासन दिया, उसे अमलीजामा पहनाने के लिए सरकार को दो माह का समय दिया है। यदि सरकार महासंघ की मांगो को अनदेखा कर राज्य स्तरीय तबादला नीति के बारे कोई अधिसूचना जारी करती है तो महासंघ कलम छोड़ो आंदोलन करने पर विवश होगा।

    -सतीश चौधरी, अध्यक्ष, संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ।

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