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    शिमला में अब अंग्रेजों के समय बने ट्रैक पर सैर करेंगे पर्यटक, पुराने रास्ते चिह्नित कर विकसित करने की योजना

    By Rohit Sharma Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Sun, 29 Mar 2026 04:57 PM (IST)

    शिमला में अंग्रेजों के समय के पुराने पैदल रास्तों को अब पर्यटक ट्रैकिंग के लिए इस्तेमाल कर सकेंगे। मेयर सुरेंद्र चौहान ने वन विभाग को इन विलुप्त हो चु ...और पढ़ें

    शिमला में अंग्रेजों के समय के ट्रैक विकसित किए जाएंगे। प्रतीकात्मक फोटो

    शिमला में अंग्रेजों के समय के ट्रैक विकसित किए जाएंगे। प्रतीकात्मक फोटो

    HighLights

    1. मेयर ने पुराने ब्रिटिशकालीन रास्ते विकसित करने को कहा।

    2. पर्यटक शिमला की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेंगे।

    3. पर्यटन बढ़ेगा, स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।

    जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश के शिमला में अंग्रेजों के समय बने रास्तों पर अब लोग व पर्यटक ट्रैकिंग कर सकेंगे। वर्षों पुराने विलुप्त हो चुके रास्तों को नगर निगम के मेयर सुरेंद्र चौहान ने दोबारा चिह्नित कर विकसित करने को कहा है। इस संबंध में मेयर ने वन विभाग को पत्र लिखा है। शिमला में अंग्रेजों के समय बनाए कई पुराने पैदल रास्ते आज भी मौजूद हैं, लेकिन उनकी स्थिति जर्जर हो चुकी है। इन रास्तों में चौड़ा मैदान से ग्लेन, एडवांस स्टडी, बालूगंज और आइजीएमसी जैसे मार्ग शामिल हैं।

    इन ट्रैकिंग रूट्स को फिर से विकसित कर पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाया जाएगा। इन पुराने रास्तों के विकसित होने से पर्यटकों को शिमला की प्राकृतिक सुंदरता को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। 

    जंगल व ठंडी वादियों का ले सकेंगे आनंद

    भीड़भाड़ वाले स्थानों से हटकर शांत और हरियाली से भरपूर इन ट्रैक पर पर्यटक पहाड़ों, जंगलों और ठंडी वादियों का आनंद ले सकेंगे। इससे शिमला का पर्यटन अनुभव और समृद्ध होगा। इस पहल से शिमला के पर्यटन को नया आयाम मिलने की उम्मीद है।

    बढ़ेगी पर्यटकों की संख्या

    पारंपरिक पर्यटन स्थलों के अलावा ट्रैकिंग जैसे विकल्प बढ़ने से पर्यटकों की संख्या में भी इजाफा हो सकता है। साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे, जिससे शहर की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

    मेयर ने वन विभाग को दिए निर्देश

    मेयर ने वन विभाग को लिखे पत्र में इन ट्रैकिंग रूट्स की सफाई, मरम्मत और सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश देने की बात कही है। वन क्षेत्र से जुड़े होने के कारण इन रास्तों के विकास में विभाग की भूमिका अहम रहेगी।

    प्रशासन का प्रयास है कि सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर जल्द ही काम शुरू किया जाए। मेयर ने बताया कि इन रास्तों के दोबारा विकसित होने से शिमला में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। शहर में घूमने के लोगों को नए रास्ते मिलने से पर्यटन को नई रफ्तार मिलेगी।

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