Mock Drill: 'धमाके के बाद बजेगा सायरन और ब्लैकआउट' हिमाचल के सोलन जिले में 15 मिनट होगी मॉक ड्रिल; एडवायजरी जारी
सोलन में आपदा प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए 24 अप्रैल को एयर रेड और बमबारी परिदृश्य पर आधारित 15 मिनट की मॉक ड्रिल होगी। यह अभ्यास केंद्रीय गृह मंत्राल ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश के जिला सोलन में माॅक ड्रिल का आयोजन होगा। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
24 अप्रैल को सोलन में 15 मिनट की मॉक ड्रिल।
एयर रेड, बमबारी परिदृश्य पर आधारित आपदा अभ्यास।
ब्लैकआउट, सायरन बजेगा; लोगों से न घबराने की अपील।
संवाद सहयोगी, सोलन। हिमाचल प्रदेश के जिला सोलन में आपदा प्रबंधन प्रणाली को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शुक्रवार को एयर रेड एवं बमबारी परिदृश्य पर आधारित एक मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। यह जानकारी गृहरक्षा 11वीं वाहिनी सोलन के आदेशक संतोष शर्मा ने दी। उन्होंने कहा कि यह मॉक ड्रिल 24 अप्रैल को रात 8:30 बजे से ठोडो मैदान सोलन से सटे वार्ड नंबर सात में आयोजित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि मॉक ड्रिल के दौरान इस वार्ड में नियंत्रित ब्लैक आउट भी किया जाएगा। मॉक ड्रिल के दौरान जवाहर पार्क में स्थित अलार्म को भी बजाया जाएगा, ताकि सभी को सतर्क किया जा सके।
धमाके के बाद बजेगा सायरन
इस तरह की प्रैक्टिस साल में दो बार होगी, एक अप्रैल माह और दूसरी नवंबर माह में होगी। ट्रायल के दौरान पहल खुले स्थान पर एक सिंबोलिक धमाका होगा, फिर पार्क से सायरन की आवाज आएगी और फिर क्षेत्र में ब्लैक आउट किया जाएगा।
15 मिनट चलेगी मॉक ड्रिल
सोलन में होने वाली एयर रेड ट्रायल शाम साढ़े आठ से शुरू होगा, जो केवल 15 मिनट का होगा। यह सिर्फ वार्ड सात तक सीमित होगा, इसमें फायर, होमगार्ड, सिटी वालंटियर, एनसीसी, एनएसएस, पुलिस विभाग के लोग शामिल होंगे।
क्यों हो रहा आयोजन
पड़ोसी राज्य पंजाब में भी कल यानी 24 अप्रैल को 8 बजे ब्लैकआउट मॉक ड्रिल हो रही है। इसे आपात स्थिति से निपटने की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। युद्ध जैसी स्थिति के लिए लोगों को तैयार किया जा सके।
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केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर आयोजन
उन्होंने कहा कि एयर रेड व बमबारी परिदृश्य पर आधारित मॉक ड्रिल का आयोजन केंद्रीय गृह मंत्रालय व प्रदेश के निदेशक अग्निशमन सेवाएं द्वारा जारी निर्देशों की अनुपालना में किया जा रहा है।
लोगों के लिए एडवायजरी जारी
उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि मॉक ड्रिल के दौरान किसी भी प्रकार के भ्रम अथवा घबराहट की स्थिति में न रहें, क्योंकि यह एक पूर्व नियोजित अभ्यास है और इसका उद्देश्य आपदा प्रबंधन तैयारियों को परखना एवं सुदृढ़ बनाना है।