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    हिमाचल के नौणी विश्वविद्यालय ने विरोध के बाद फीस वृद्धि में किया संशोधन, अब 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी

    By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Sun, 02 Aug 2026 11:16 AM (IST)

    नौणी विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए पहले घोषित 52-62% फीस वृद्धि को संशोधित कर नए छात्रों के लिए केवल 20% तक सीमित कर दिया है। ...और पढ़ें

    हिमाचल प्रदेश की नौणी यूनिवर्सिटी का परिसर। जागरण आर्काइव

    हिमाचल प्रदेश की नौणी यूनिवर्सिटी का परिसर। जागरण आर्काइव

    HighLights

    1. नौणी विश्वविद्यालय ने फीस वृद्धि का फैसला बदला।

    2. नए छात्रों के लिए अब केवल 20% बढ़ोतरी।

    3. पुराने छात्रों पर बढ़ी फीस लागू नहीं होगी।

    जागरण संवाददाता, सोलन। हिमाचल प्रदेश की डा. वाईएस परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी (सोलन) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए फीस वृद्धि के फैसले में बड़ा बदलाव किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पहले जारी की गई 52 से 62 प्रतिशत तक की फीस वृद्धि को लगभग वापस लेते हुए अब नए विद्यार्थियों के लिए फीस बढ़ोतरी को केवल 20 प्रतिशत तक सीमित कर दिया है। वहीं पहले से अध्ययनरत विद्यार्थियों को बढ़ी हुई फीस नहीं देनी होगी।

    27 जुलाई को जारी की थी अधिसूचना

    27 जुलाई को विश्वविद्यालय द्वारा जारी अधिसूचना में स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों की फीस में भारी बढ़ोतरी की गई थी। दैनिक जागरण ने छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे को प्राथमिकता के साथ 30 जुलाई के अंक में प्रकाशित किया था। 

    दैनिक जागरण के मुद्दा उठाने के बाद बदला फैसला

    दो दिन बाद ही विश्वविद्यालय प्रबंधन ने फैसला बदल दिया है। इस फैसले से छात्रों और अभिभावकों को राहत मिली है। विश्वविद्यालय के इस फैसले से छात्रों को प्रति सेमेस्टर हजारों रुपये की राहत मिलेगी। नए सत्र में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ पहले की तुलना में काफी कम रहेगा। 

    फीस पहले और अब

    • कोर्स    पहले    वृद्धि के बाद    अब

    • यूजी          43350    68700    49500

    • सेल्फ फाइनांस (यूजी)    83350    127200    99990

    • मास्टर डिग्री    47550    87000    55000

    • सेल्फ फाइनांस (पीजी)    87550    142000    105000
      (फीस प्रति सेमेस्टर है)

    क्या कहना है कुलपति का 

    विश्वविद्यालय छात्र हित के लिए काम करता है। नए दाखिले होने वाले छात्रों को अब बहुत अधिक फीस जमा नहीं करनी होगी। अब आंशिक बढ़ोतरी की गई है। विश्वविद्यालय छात्रों की पढ़ाई के साथ कोई समझौता नहीं करेगा।
    -डा. हरमिंद्र सिंह बवेजा, कुलपति, डा. वाईएस परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी।

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