दिल्ली से ऊना पहुंचे CM सुक्खू, बल्क ड्रग पार्क की आधारशिला रखी; 20 हजार युवाओं को मिलेगी नौकरी
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ऊना के हरोली में बल्क ड्रग पार्क की आधारशिला रखी। यह परियोजना 1405 एकड़ में फैली है, जिसकी लागत 2071 करोड़ रुपये है। ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू। जागरण आर्काइव
HighLights
मुख्यमंत्री सुक्खू हरोली में बल्क ड्रग पार्क की आधारशिला रखी।
परियोजना से 20 हजार युवाओं को मिलेगा सीधा रोजगार।
10 हजार करोड़ का निवेश, हरोली उत्सव का भी शुभारंभ।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू आज दिल्ली से ऊना पहुंचे और हरोली के पोलियां स्थित बल्क ड्रग पार्क (साइट डेवलपमेंट व आधारभूत ढांचा) की आधारशिला रखी। मुख्यमंत्री ने बल्क ड्रग पार्क की आधारशिला रखने के साथ कामकाजी महिला हास्टल का भी शिलान्यास किया।
बल्क ड्रग पार्क 1405 एकड़ में प्रस्तावित परियोजना है, जिसकी कुल लागत 2071 करोड़ रुपये है। लगभग 996.45 करोड़ रुपये केंद्र सरकार सहायता के रूप में देगी, जबकि शेष राशि राज्य सरकार वहन करेगी। मौजूदा वित्त वर्ष के लिए सरकार ने इसके लिए 250 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है।
10 हजार करोड़ का निवेश, 20000 को नौकरी
परियोजना में आठ हजार से 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा। यह परियोजना 20 हजार लोगों को रोजगार देगी। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री व उद्योग मंत्री हर्ष वर्धन चौहान भी मौजूद रहे। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि देश के कुल फार्मा उत्पादन का लगभग 35 प्रतिशत हिस्सा हिमाचल से आता है। पूर्व भाजपा सरकार के समय हिमाचल को बल्क ड्रग पार्क मिला था।
रेललाइन भी प्रस्तावित
बल्क ड्रग पार्क परियोजना से जुड़ी 66 करोड़ की जल शक्ति विभाग की पेयजल योजनाओं के कार्य पूर्ण हो चुके हैं। पोलियां बीत तक 3400 करोड़ की लागत से पांच किलोमीटर लंबी रेललाइन का निर्माण भी प्रस्तावित है, जो इस पार्क को देश के राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़कर निवेश और आपूर्ति शृंखला को सुदृढ़ बनाएगी। 500 करोड़ से संतोषगढ़-जैजों सड़क के स्तरोन्यन की कार्य योजना पर भी कार्य किया जा रहा है।
दिल्ली क्यों गए थे सीएम
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार सुबह शिमला स्थित सरकारी आवास ओक ओवर में अधिकारियों के साथ बैठक कर जरूरी फाइलें निपटाईं। इसके बाद वह दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। सीएम ने वहां आयोजित कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में भाग लिया। सीडब्ल्यूसी की बैठक में शीर्ष नेता शामिल रहे।
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बैठक महिला आरक्षण बिल पर पार्टी की रणनीति तय करने को लेकर बुलाई गई थी। संसद के भीतर और बाहर इस मुद्दे को किस तरह उठाया जाए, इस पर भी विचार-विमर्श किया गया।
लंबे समय से देश की राजनीति का महत्वपूर्ण मुद्दा
महिला आरक्षण बिल लंबे समय से देश की राजनीति में महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है। यह बिल संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रविधान करता है। ऐसे में कांग्रेस इस मुद्दे पर अपनी भूमिका को और प्रभावी बनाने की कोशिश कर रही है, ताकि महिला मतदाताओं के बीच मजबूत संदेश दिया जा सके। बैठक में लिए फैसले आने वाले समय में पार्टी की राजनीतिक दिशा और महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर उसके रुख को तय करेंगे।