हिमाचल के गगरेट में 4 दिन से लापता युवती मिली मृत, 2 महीने बाद थी शादी; घटनास्थल के हालात उठा रहे कई सवाल
हिमाचल के गगरेट में 19 जुलाई से लापता 26 वर्षीय वैशाली का शव घर के पास जंगल से मिला है। दो महीने बाद उसकी शादी होनी थी, और घटनास्थल के हालात मौत पर कई ...और पढ़ें

ऊना के गगरेट में लापता वैशाली मृत हालत में मिली हैं।
HighLights
19 जुलाई से लापता वैशाली का शव बरामद।
दो माह बाद होनी थी शादी, परिवार सदमे में।
घटनास्थल के हालात मौत पर उठा रहे संदेह।
अविनाश विद्रोही, गगरेट (ऊना)। हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना में सनसनीखेज वारदात हुई है। उपमंडल गगरेट के अम्बोआ गांव से 19 जुलाई को रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुई 26 वर्षीय वैशाली का घर के समीप जंगलनुमा क्षेत्र से शव बरामद हुआ है। वैशाली की दो माह बाद शादी होनी थी, इस बीच इस तरह से मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
कई सवाल खड़े कर रही मौत
घटनास्थल से मिली परिस्थितियों ने इस मौत को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शव के पास एक पेड़ की टहनी से चुन्नी बंधी मिली है। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो सकता है, लेकिन घटनास्थल की स्थिति कई संदेह भी पैदा कर रही है। जिस टहनी से चुन्नी बंधी मिली, उसकी ऊंचाई काफी कम बताई जा रही है।
वहीं शव भी काफी फूला हुआ मिला। ऐसे में मौत की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं, इसका उत्तर केवल वैज्ञानिक एवं फोरेंसिक जांच ही दे सकती है। इसलिए किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
बस में गगरेट की ओर गई थी युवती
वैशाली 19 जुलाई को घर से बाजार जाने के लिए निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिवार ने काफी तलाश के बाद पुलिस में गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने बताया था कि युवती बस से गगरेट की ओर गई थी और उसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया था।
जांच पर भी सवाल
अब शव मिलने के बाद सवाल यह भी उठ रहे हैं कि यदि युवती का मोबाइल बंद था तो उसकी अंतिम लोकेशन, डिजिटल साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी पहलुओं पर कितनी तेजी से कार्रवाई की गई। लापता व्यक्ति के मामलों में शुरुआती 24 से 48 घंटे सबसे महत्वपूर्ण माने जाते हैं। ऐसे मामलों में हर घंटे की देरी जांच की दिशा और संभावित साक्ष्यों को प्रभावित कर सकती है।
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यह वही मामला है, जिसने शुरुआती दिनों में इस बहस को जन्म दिया था कि क्या लापता युवतियों के मामलों में जांच किसी एक संभावना तक सीमित हो जाती है। अब जब युवती का शव बरामद हो चुका है, तब यह और भी आवश्यक हो गया है कि पुलिस हर पहलू-आत्महत्या, हत्या या किसी अन्य संभावित कारण की वैज्ञानिक, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच करे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच अहम
फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अब पूरे मामले की सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्यों, डिजिटल जांच और घटनास्थल से जुटाए गए प्रमाणों के आधार पर ही सामने आएगी। क्षेत्र के लोग भी इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।