हिमाचल में भारी बारिश के अलर्ट से दहशत में लोग, ऊना में जलभराव के खतरे में सड़क पर उतरे ग्रामीण
ऊना की जनकौर पंचायत के ग्रामीण जलभराव की समस्या से परेशान होकर जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के खिलाफ प्रदर्शन पर उतर आए। चेतावनी दी कि हल न होने ...और पढ़ें

जनकौर में गत दिनों हुई बारिश से सड़क पर जलभराव और ऊना में प्रदर्शन करने पहुंचे लोग।
HighLights
जनकौर पंचायत में जलभराव से ग्रामीण परेशान।
प्रभावशाली व्यक्ति ने पुलियां बंद कीं, आरोप।
प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग, आंदोलन की चेतावनी।
जागरण संवाददाता, ऊना। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के अलर्ट के बीच लोग दहशत में हैं। ऊना की जनकौर पंचायत के बाशिंदे भी डर के साये में हैं। जलभराव की समस्या से जूझ रहे जनकौर पंचायत के ग्रामीणों का आक्रोश सोमवार को खुलकर सामने आया। समस्या के समाधान की मांग को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण पंचायत समिति सदस्य बलवीर चौधरी के नेतृत्व में ऊना मुख्यालय पहुंचे और एमसी पार्क में एकत्र होकर जिला प्रशासन तथा लोक निर्माण विभाग के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रभावशाली शख्स ने बंद कर दी पुलियां
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे बड़ा जनआंदोलन शुरू करेंगे। पंचायत समिति सदस्य बलवीर चौधरी ने आरोप लगाया कि गांव में एक प्रभावशाली व्यक्ति द्वारा पुलियों को बंद कर दिए जाने से बरसाती पानी की निकासी पूरी तरह बाधित हो गई है। इस कारण गलियों से लेकर मुख्य सड़क तक जलभराव की स्थिति बन रही है।
नालों की सफाई न होने से बढ़ी परेशानी
उन्होंने कहा कि गांव में कुछ ही दूरी पर स्थित नालों व नालियों की सफाई भी लोक निर्माण विभाग समय पर नहीं कर पाया, जिससे समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। अगर इन पुलियों की सफाई हो और स्वां नदी और पेखूबेला स्थित खड्ड तक नाले का निर्माण तय हो यह जलभराव समस्या समाप्त हो जाए।
प्रशासनिक लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे
ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय लापरवाही और प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी के कारण हर बारिश में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अभी तक क्षेत्र में अत्यधिक वर्षा नहीं हुई है, लेकिन यदि एक दिन भी तेज बारिश हो गई तो गांव के कई घरों और आबादी वाले हिस्सों में पानी घुस सकता है।
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संतोषगढ़-ऊना मार्ग पर भी सफर मुश्किल
इसके अलावा संतोषगढ़-ऊना मार्ग पर भी बारिश के दौरान सड़क खड्ड का रूप धारण कर लेती है, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित होती है। प्रभावित ग्रामीण रानी देवी ने बताया कि यह समस्या कई वर्षों से बनी हुई है, लेकिन बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि नालों और पुलियों की नियमित सफाई नहीं होने से बरसाती पानी का बहाव रुक जाता है और जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर पुलियों और नालों की सफाई कराने, जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने तथा कथित अवरोधों को हटाने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली के विरोध में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।