विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 05, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जम्मू-कश्मीर में 14 जगह बन रहे क्रिटिकल केयर ब्लाक, अधिकांश जगहों पर निर्माण कार्य जारी

Published: Tue, 05 Aug 2025 12:19 PM (IST)

जम्मू-कश्मीर के चौदह जिलों में गंभीर रोगियों के लिए क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनाए जा रहे हैं जिससे अस्पतालों पर दबाव ...और पढ़ें

अगले वर्ष तक इनके पूरा होने की उम्मीद है।
अगले वर्ष तक इनके पूरा होने की उम्मीद है।

HighLights

  1. पचास से लेकर 100 बिस्तरों की क्षमता के हैं यह ब्लाक।
  2. जम्मू में 5 जिलों और कश्मीर में 9 अस्पतालों में बनाए जा रहे ब्लाक।
  3. ब्लाक के ग्राउंड फ्लोर पर 12 बिस्तरों की इमरजेंसी होगी।

रोहित जंडियाल, जागरण, जम्मू। जीवन घातक चोटों या बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए जम्मू-कश्मीर में चौदह जिलों में क्रिटिकल केयर ब्लाक बनाए जा रहे हैं।

यह ब्लाक बनने से मरीजों को बहुत लाभ होगा और इससे वर्तमान के अस्पतालों पर से मरीजों के दबाव को भी कम करने में सहायता मिलेगी। इनका काम इन दिनों जोरों पर है।मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने भी इनका निरीक्षण कर समय पर निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

विभिन्न जिलों में बन रहे यह ब्लाक पचास से लेकर 100 बिस्तरों की क्षमता के हैं। जम्मू जिले में चेस्ट डिजिजेस अस्पताल में इसका काम जारी है। जम्मू संभाग में पांच जिलों और कश्मीर संभाग में नौ अस्पतालों में ब्लाक बनाए जा रहे हैं।

यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर में कुछ बड़ा होने वाला है? सियासी हलचल तेज होने के बीच क्या बोले CM उमर अब्दुल्ला

कश्मीर में श्रीनगर, बारामुला, अनतंनाग, कुपवाड़ा, गांदरबल, पुलवामा, शोपियां, बडगाम, कुलगाम में इनका निर्माण करवाया जा रहा है जबकि जम्मू संभाग में इनका निर्माण जम्मू, राजौरी, पुंछ, रियासी, कठुआ जिलों में करवाया जा रहा है।

जम्मू में इसका निर्माण कार्य चेस्ट डिजिजेस अस्पताल के प्रांगण में ही किया जा रहा है। इसके लिए पुराने क्वार्टरों को तोड़ा गया है। पुराने कांप्लेक्स के स्थान पर क्रिटिकल केयर ब्लाक का निर्माण कार्य करवाया करवाया जा रहा है। अभी तक इसके एक फ्लाेर का काम पूरा हो गया है। दूसरे का काम जारी है।

ऐसा होगा जम्मू का कि्रटिकल केयर ब्लाक

यह ब्लाक 100 बिस्तरों की क्षमता का है। इसमें ग्राउंड फ्लोर पर 12 बिस्तरों की इमरजेंसी होगी जबकि मातृत्व और बाल रोग के लिए छह बिस्तर होंगे। पहले फ्लोर पर डायालिसेस के लिए चार बिस्तर होंगे। तीस बिस्तरों की क्षमता वाला वार्ड होगा और नैदानिक सुविधाएं होंगी। दूसरी मंजिल पर हाई डिपैंडेसी वार्ड होगा और इसकी क्षमता 12 बिस्तरों की होगी। 12 आइसोलेशन रूम होंगे। तीसरी मंजिल पर बीस बिस्तरों की क्षमता वाला इंटेंसिव केयर यूनिट होगा। दो आप्रेशन थियेटर होंगे।

यह भी पढ़ें- Kulgam Encounter: कश्मीर के कुलगाम में पांचवें दिन भी एनकाउंटर जारी, सुरक्षाबलों ने अब तक तीन आतंकी किए ढेर

पचास बिस्तरों वाले ब्लाक ऐसे होंगे

जिन जिलों में पचास बिस्तरों की क्षमता वाले क्रिटिकल केयर ब्लाक का निर्माण हो रहा है, वहां पर ग्राउंड फ्लोर में पांच बिस्तरों की क्षमता वाली इमरजेंसी होगी जबकि पहली मंजिल पर डायलिसेस के लिए दो बिस्तरों सहित कुल दस बिस्तर होंगे। दूसरी मंजिल पर 24 बिस्तरों की क्षमता वाले वार्ड के साथ दो बिस्तर आइसोलेशन और पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट व सर्जिकेल इंटेसिव केयर यूनिट के चार बिस्तर होंगे। तीसरी मंजिल पर छह बिस्तरों वाला आइसीयू है। इसके अलावा दो आप्रेशन थियेटर भी होंगे। इनका निर्माण कार्य जारी है।

तेजी से हो निर्माण कार्य

जम्मू-कश्मीर के विभिन्न अस्पतालों में बनाए रहे यह ब्लाक अगले वर्ष तक पूरा होने की उम्मीद है। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने एक दिन पहले सीडी अस्पताल जम्मू में बन रहे ब्लाक का निरीक्षण किया। उन्होंने इसका काम समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं नेशनल हेल्थ मिशन के मिशन निदेशक बसीर-उल-हक का कहना है कि हमारी प्राथमिकता इस समय इन ब्लाक का काम पूरा करवाने की है ताकि मरीजों को इनका लाभ मिल सके। 

यह भी पढ़ें- अनुच्छेद 370 हटने के 6 साल: जम्मू-कश्मीर में विकास की गंगा, शिक्षा-स्वास्थ्य और निवेश समेत इन सेक्टरों में चमत्कारी बदलाव

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।