यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 05, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी जहांगीर सरुरी के ठिकाने का भंडाफोड़, दो दर्जन से ज्यादा नागरिकों की कर चुका है हत्या
सुरक्षाबलों ने जम्मू प्रांत में सक्रिय हिजबुल मुजाहिदीन के सबसे पुराने आतंकी जहांगीर सरुरी के किश्तवाड़ में स्थित एक ठिकाने को नष्ट करने का दावा किया ...और पढ़ें

जम्मू, राज्य ब्यूरो। Jammu News: सुरक्षाबलों ने जम्मू प्रांत में सक्रिय हिजबुल मुजाहिदीन (Hizbul Mujahideen) के सबसे पुराने आतंकी जहांगीर सरुरी (Terrorist Jahangir Saruri) के किश्तवाड़ (Kishtwar) में स्थित एक ठिकाने को नष्ट करने का दावा किया है। किश्तवाड़ के एसएसपी खलील पोसवाल ने बताया कि एक विशेष सूचना के आधार पर पुलिस ने सेना और सीआरपीएफ के जवानों के साथ मिलकर भादट सरूर में तलाशी अभियान चलाया।
जहांगीर के आतंकी ठिकाने का भंडाफोड़
इस अभियान के दौरान हमें परिबाग में उस जगह को चिह्नित कर लिया गया जहां जहांगीर सरुरी ने अपना ठिकाना बना रखा था। पूरे इलाके की घेराबंदी की गई और तलाशी ली गई। आतंकी ठिकाने की तलाशी के दौरान दो कंबल, खाने-पीने का सामान, एसाल्ट राइफल के कारतूस व अन्य साजो सामान भी मिला है।
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और आतंकी ठिकाने होने की है आशंका
अधिकारी ने बताया कि आतंकी ठिकाने को नष्ट कर दिया गया है। इस ठिकाने से मिले साजो सामान से पता चलता है कि आतंकी कुछ समय पहले तक इसका इस्तेमाल कर रहे थे। फिलहाल, तलाशी अभियान को जारी रखा गया है,क्योंकि आस पास कुछ और आतंकी ठिकाने होने की आशंका है।
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जहांगीर सरुरी है 30 सालों से सक्रिय
जहांगीर सरुरी लगभग 30 वर्ष से सक्रिय है और वह डबल ए श्रेणी के आतंकियों में सूचीबद्ध है। वह डोडा, रामबन और किश्तवाड़ में दो दर्जन से ज्यादा नागरिकों की हत्या और सुरक्षाबलों पर हमले की विभिन्न वारदातों में पुलिस को वांछित है।
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