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लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में नई EV नीति का खाका तैयार, अगले 6 वर्षों में बनेंगे 900 चार्जिंग स्टेशन

Published: Sat, 05 Sep 2026 12:15 PM (IST)

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2026 के मसौदे की समीक्षा की है, जिसमें अगले छह सालों में 900 चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का लक्ष्य है।

लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में ईवी को बढ़ावा।

 लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में ईवी को बढ़ावा।

HighLights

  1. छह सालों में 900 चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का लक्ष्य

  2. पहाड़ी क्षेत्रों के लिए विशेष विंटर प्रोटोकॉल शामिल होगा

  3. इवी खरीद पर ब्याज सबवेंशन और स्क्रैपेज बोनस का प्रस्ताव

जागरण सवांददाता, जम्मू। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में अगले छह सालों के दौरान इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने की तैयारी है। प्रदेश प्रशासन ने इवी को बढ़ावा देने का खाका तैयार कर लिए है। प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ाने के लिए छह सालों में 900 चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।

जम्मू कश्मीर के मुख्यसचिव अटल डुल्लू ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2026 के ड्राफ्ट की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि जम्मू-कश्मीर जैसे पर्वतीय व अत्यधिक ठंड वाले क्षेत्र में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देते समय विश्वसनीयता, सेवा-तत्परता, चार्जिंग ढांचे व सर्दियों में वाहनों के प्रदर्शन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रख किया जाए परीक्षण

मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग द्वारा सेंटर फार इनोवेशन एंड ट्रांसफार्मेशन इन गर्वनेंस (सीआइटीएजी) के सहयोग से तैयार की गई नीति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि इसका क्रियान्वयन चरणबद्ध तरीके से किया जाए। उन्होंने कहा कि व्यापक स्तर पर इवी अपनाने से पहले पर्याप्त सर्विस नेटवर्क और चार्जिंग सुविधाएं तैयार करना जरूरी है।

डुल्लू ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की भौगोलिक परिस्थितियां, कठिन पहाड़ी मार्ग व शून्य से नीचे तापमान वाले क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए इवी तकनीक व बुनियादी ढांचे का वास्तविक परिस्थितियों में परीक्षण किया जाना चाहिए।

उन्होंने सरकारी सहायता को रणनीतिक जरूरतों व क्षमता निर्माण तक सीमित रखने तथा पीएम इ ड्राइव जैसी केंद्र प्रायोजित योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने पर जोर दिया।

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आने वाले 6 सालों में खोले जाएं 900 चार्जिंग स्टेशन

नीति में अगले छह वर्षों के दौरान नई निजी कारों के पंजीकरण में इवी की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत, दोपहिया वाहनों में 35 प्रतिशत, बसों में 30 प्रतिशत व टैक्सी , साझा मोबिलिटी क्षेत्र में 25 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है।

चार्जिंग नेटवर्क को मजबूत करने के लिए वर्तमान के लगभग 180 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों को तीसरे वर्ष तक बढ़ाकर 450 किया जाएगा। वहीं छह सालों में इन्हें 900 साइटों तक पहुंचाने का प्रस्ताव है।

इनमें 140 प्राथमिकता वाले फास्ट-चार्जिंग हब शामिल होंगे, जिनमें कम से कम 98 प्रतिशत मासिक अपटाइम सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।

विशेष विंटर प्रोटोकाल भी किया शामिल 

प्रस्तावित नीति में जम्मू-कश्मीर की सर्दियों के लिए विशेष विंटर प्रोटोकाल भी शामिल किया गया है। इसके तहत कम तापमान में बैटरी के व्यवहार, चार्जिंग क्षमता व केबिन हीटिंग के कारण वाहन के प्रदर्शन पर पड़ने वाले प्रभाव का परीक्षण किया जाएगा।

इवी खरीदने वाले पात्र उपभोक्ताओं के लिए ब्याज में अधिकतम 3 प्रतिशत वार्षिक सबवेंशन या रोलिंग टाप-अप सहायता में से किसी एक विकल्प का प्रस्ताव है। इसके अलावा अधिकतम तीन वर्षों के लिए वार्षिक स्क्रैपेज एक्सचेंज बोनस देने की भी सिफारिश की गई है।


नीति में चार्जिंग मांग को बिजली व्यवस्था से बेहतर तरीके से जोड़ने के लिए टाइम आफ डे व सौर ऊर्जा वाले घंटों में चार्जिंग को बढ़ावा देने का प्रस्ताव है। निर्धारित अवधि में चार्जिंग संचालन में 40 प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण का लक्ष्य रखा गया है।

परिवहन विभाग की सचिव अवनी लवासा ने बैठक में बताया कि प्रस्तावित नीति आठ रणनीतिक स्तंभों पर आधारित है। इनमें इवी अपनाने, चार्जिंग बुनियादी ढांचे, कौशल विकास, वित्तीय सहायता, पावर सिस्टम एकीकरण मुख्य हैं।

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