Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 16, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    बसंतगढ़ में मारा गया आतंकवादी जैश-ए-मोहम्मद का था शीर्ष कमांडर हैदर, डीजीपी ने किया खुलासा- 4 वर्षों से था सक्रिय

    Updated: Wed, 16 Jul 2025 06:10 PM (IST)

    जम्मू-कश्मीर के डीजीपी नलिन प्रभात ने बताया कि उधमपुर में मारा गया आतंकवादी जैश-ए-मोहम्मद का कमांडर था जो पिछले चार वर्षों से सक्रिय था। 26 जून को जैश ...और पढ़ें

    डीजीपी नलिन प्रभात ने अखनूर पुलिस थाने के पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया।
    डीजीपी नलिन प्रभात ने अखनूर पुलिस थाने के पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया।

    डिजिटल डेस्क, जम्मू। जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात ने बुधवार को कहा कि उधमपुर जिले के डूडू-बसंतगढ़ जंगल में मुठभेड़ में मारा गया आतंकवादी पाकिस्तान के जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) संगठन का एक शीर्ष कमांडर था, जो पिछले चार वर्षों से इस क्षेत्र में सक्रिय था।

    पुलिस प्रमुख ने अखनूर पुलिस स्टेशन में पत्रकारों को संबोधित करते हुए इस बात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आतंकवाद-विरोधी अभियान लगातार चल रहे हैं और हाल ही में हमें डूडू-बसंतगढ़ में एक बहुत बड़ी सफलता मिली। इस मुठभेठ में पिछले चार वर्षों से उस क्षेत्र में सक्रिय एक कुख्यात और शीर्ष जैश-ए-मोहम्मद कमांडर मारा गया। पुलिस व सुरक्षाबलों का आतंकवाद के खिलाफ अभियान जारी है। वहां मौजूदा सभी आतंकवादियों को एक-एक करके मार गिराया जाएगा।"

    नलिन प्रभात ने मुठभेड़ की जानकारी पत्रकारों के साथ साझा करते हुए बताया कि गत माह 26 जून को जैश-ए-मोहम्मद का आतंकवादी हैदर, जिसका कोड नाम मौलवी था, मुठभेड़ में मारा गया। जबकि उसके तीन साथी खराब मौसम और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक स्थिति की वजह से बसंतगढ़ इलाके के घने जंगल का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे।

    यह भी पढ़ें- मौसम विभाग का अलर्ट, अगले 7 दिनों में जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश, अचानक बाढ़-भूस्खलन की संभावना

    जम्मू क्षेत्र के वन क्षेत्रों में सक्रिय आतंकवादियों की सही संख्या बताने से इनकार करते हुए डीजीपी ने कहा कि "यह संख्या सार्वजनिक रूप से नहीं दी जा सकती"।

    डीजीपी के साथ सीआरपीएफ के महानिरीक्षक गोपाल शर्मा, जम्मू क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक भीम सेन टूटी, जम्मू-सांबा-कठुआ रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक शिव कुमार भी मौजूद थे। ये सभी अधिकारी 2024 में पुलिस थानों की वार्षिक रैंकिंग में गृह मंत्रालय से प्रतिष्ठित 'उत्कृष्टता पुरस्कार' प्राप्त करने वाले अखनूर पुलिस थाने के पुलिसकर्मियों को सम्मानित करने के लिए पहुंचे हुए थे।

    खबरें और भी

    पुलिस थाने को पुरस्कार प्रदान करते हुए डीजीपी ने थाने में तैनात अधिकारियों और जवानों की जनता के साथ उनके तालमेल के लिए सराहना की और कहा कि इस साल की शुरुआत में अखनूर सेक्टर में सफल अभियान जनता से समय पर प्राप्त सुझावों का परिणाम था।

    उन्होंने कहा, "जनता के समर्थन के बिना पुलिस सफल नहीं हो सकती। जनता का समर्थन सभी कठिन कार्यों को आसान बना देता है। अन्यथा चुनौतियां होंगी।" उन्होंने नशीली दवाओं के खतरे, गोवंश तस्करी और गैंगस्टरों के खिलाफ उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जम्मू पुलिस की सराहना की।

    यह भी पढ़ें- Jammu Kashmir: सीएम उमर अब्दुल्ला ने जताया कांग्रेस का आभार, कहा- इससे संसद में हमारी आवाज और बुलंद होगी

    उन्होंने तत्कालीन स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) तारिक अहमद, उप-विभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) मोहन शर्मा और पुलिस अधीक्षक बृजेश शर्मा के 2024 में उत्कृष्ट नेतृत्व और समर्पण के लिए उनके असाधारण प्रदर्शन की भी सराहना की।

    उन्होंने उत्कृष्टता की विरासत को जारी रखने के लिए वर्तमान एसएचओ संजीव चिब और एसडीपीओ वरिंदर गुप्ता को शुभकामनाएं भी दीं।