यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jammu News: आतंकियों पर कहर बरपाएंगी महिला एसओजी, चुनाव से पहले मिली बड़ी जिम्मेदारी
Women SOG Team आतंकवादियों की गर्दन मरोड़ने के लिए स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) में आठ महिला पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया है। ये महिला सुरक्षाकर्मी ...और पढ़ें

HighLights
- एसओजी के दस्ते में आठ महिला पुलिसकर्मियों का पहला दस्ता शामिल हुआ।
- गुज्जर नगर, कुंजवानी और सिद्धड़ा इलाकों में गाड़ियों की जांच कर की गश्त।
- एसओजी का गठन वर्ष 1994 में हुआ।
जागरण संवाददाता, जम्मू। (Women SOG Team) आतंकियों पर मौत बनकर टूटने वाले पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) में अब महिला शक्ति भी शामिल हो गई है। एसओजी के दस्ते में आठ महिला पुलिसकर्मियों का पहला दस्ता शामिल हो गया है, जो अपना प्रशिक्षण पूरा करने के बाद आतंकियों पर मौत बनकर टूटेंगी।
सुरक्षा के लिए उतारा पहली बार महिला दस्ते को उतारा
इस महिला दस्ते को पहली बार जम्मू में सुरक्षा के लिए उतारा गया। शनिवार को महिला दस्ते ने शहर के गुज्जर नगर, कुंजवानी और सिद्धड़ा इलाकों में अपनी दस्तक दी, जहां उन्होंने नाके लगाकर गाड़ियों की जांच की और गश्त भी की।
आधुनिक हथियारों से लैस इस महिला दस्ते को देखते ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि वे किस तरह का प्रशिक्षण हासिल कर रही हैं और प्रशिक्षण पूरा होने के बाद आतंकियों पर उनका कैसा प्रहार होगा। जम्मू कश्मीर पुलिस का एसओजी दस्ता आतंकवाद से निपटने में देश ही नहीं, बल्कि दुनिया का सबसे प्रोफेशनल ग्रुप माना जाता है।
एसओजी के गठन के बाद जम्मू कश्मीर में आतंकवाद के खात्मा में काफी मदद मिली थी और एसओजी के कारण ही जम्मू कश्मीर के पुंछ, रियासी, डोडा, किश्तवाड़, भद्रवाह आदि में आतंकवाद का पूरी तरह से खात्मा हुआ था।
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एसओजी का गठन वर्ष 1994 में हुआ
एसओजी का गठन वर्ष 1994 में हुआ था और अपने गठन के बाद से इस ग्रुप ने हिज्बुल के कमांडर हामिद गड्डा और चीफ रियाज नायकू जैसे आतंकियों को उनके मुकाम तक पहुंचाया है। इस ग्रुप के गठन श्रेय सेवानिवृत्त आइजीपी फारूक खान को जाता है, जो इस ग्रुप के गठन के बाद इसके पहले कमांडर भी रहे।