मौत का खौफ छोड़ आतंकियों के खात्मे को जंगल में उतरे थे कैप्टन सुनील कुमार, शहादत को रेलवे का सम्मान; बदला कठुआ स्टेशन का नाम
जम्मू-कश्मीर के कठुआ रेलवे स्टेशन का नाम अब आधिकारिक तौर पर 'शहीद कप्तान सुनील कुमार चौधरी कठुआ' कर दिया गया है। ...और पढ़ें

कठुआ रेलवे स्टेशन का नाम शहीद सुनील चौधरी के नाम से जाना जाएगा (जागरण फाइल)
HighLights
कठुआ रेलवे स्टेशन का नाम शहीद कप्तान सुनील कुमार चौधरी पर
देश के वीर जवान को श्रद्धांजलि, नया नामकरण
रेल मंत्रालय ने अधिसूचना जारी की, नया कोड MSKT
डिजिटल डेस्क, कठुआ। देश के वीर जवानों के बलिदान को अमर रखने और उन्हें सम्मान देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। जम्मू-कश्मीर के कठुआ रेलवे स्टेशन का नाम अब आधिकारिक तौर पर बदलकर 'शहीद कप्तान सुनील कुमार चौधरी कठुआ' कर दिया गया है।
रेल मंत्रालय द्वारा इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है और स्टेशन का नया कोड MSKT तय किया गया है। यह फैसला भारतीय सेना के उन जांबाज नायकों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का जरिया है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
कौन थे शहीद कप्तान सुनील कुमार चौधरी?
कैप्टन सुनील चौधरी का जन्म 22 जून, 1980 को कठुआ के पास गोविंदसर गांव में सैन्य परिवार में हुआ था। वे तीन भाइयों में सबसे बड़े और लेफ्टिनेंट कर्नल पीएल चौधरी और सत्या चौधरी के बेटे थे।
उन्हें 10 दिसंबर, 2004 को 11 गोरखा राइफल्स रेजिमेंट की 7/11 गोरखा राइफल्स बटालियन में कमीशन मिला। उनकी पहली पोस्टिंग कोलकाता के फोर्ट विलियम में 7/11 गोरखा राइफल्स में हुई।
26 जनवरी 2008 को कैप्टन सुनील कुमार चौधरी को असम के तिनसुकिया जिले के नाओपाथर गांव में यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट आफ असम के आतंकियों के खिलाफ अभियान के दौरान उनकी बहादुरी के लिए सेना मेडल से सम्मानित किया गया था।
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अगले ही दिन 27 जनवरी 2008 को कैप्टन सुनील को 19 पंजाब के लेफ्टिनेंट वरुण राठौर के साथ कमांडिंग ऑफिसर कर्नल प्रमित सक्सेना द्वारा आयोजित समारोह के लंच में शामिल होना था।
इसी दौरान उन्हें आतंकियों के बारे सूचना मिली और वह लेफ्टिनेंट राठौर व पांच जवानों के साथ आतंकियों का खात्मा करने चले गए। इसी में वे बलिदान हो गए। ऑपरेशन में जाने से पहले कैप्टन सुनील ने अपनी मंगेतर से बात की थी।
उधमपुर रेलवे स्टेशन का नाम बदला
लोग चाहते थे कि जिस तरह उधमपुर रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर बलिदानी कैप्टन तुषार महाजन के नाम पर रखा गया, उसी तरह कठुआ का नाम भी सुनील चौधरी के नाम पर रखा जाए, ताकि जब भी कोई जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करे तो उसकी जुबान पर बलिदानी सुनील चौधरी का नाम हो। अब सरकार ने इस पर अपनी मुहर लगा दी है।