जम्मू-कश्मीर: होटल में मृत पाए गए कांग्रेस नेता फारूक खान, पार्टी के कार्यक्रम में शामिल होने आए थे राजौरी
राजौरी के एक होटल में वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व सैनिक फारूक खान संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है। ...और पढ़ें
HighLights
वरिष्ठ कांग्रेस नेता फारूक खान राजौरी में मृत मिले
होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की जांच
पुलिस जांच में जुटी, सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही
जागरण संवाददाता, राजौरी। राजौरी शहर में बस अड्डे के नजदीक एक होटल में रविवार सुबह वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व सैनिक फारूक खान संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए। राजौरी पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जीएमसी राजौरी भेज दिया।
मौत के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस होटल कर्मचारियों, प्रबंधन और मृतक के संपर्क में रहे लोगों से पूछताछ कर रही है। साथ ही होटल में लगे सीसीटीवी की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि मृतक के कमरे में अंतिम बार कौन आया था और घटना से पहले तथा बाद की परिस्थितियां क्या थीं।

पुलिस ने कहा कि जांच पूरी होने तक किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया सकता है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता की मौत से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में शोक की लहर है। विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने फारूक खान के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे समाज के लिए अपूर्णीय क्षति बताया और उन्होंने दिवंगत नेता के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
जानकारी के अनुसार मंजाकोट क्षेत्र के रहने वाले वरिष्ठ कांग्रेस नेता फारूक खान शनिवार को राजौरी में कांग्रेस द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आए थे। कार्यक्रम खत्म होने के बाद उन्होंने बस अड्डे के नजदीक एक होटल में कमरा लिया और रात वहीं ठहर गए। अगली सुबह काफी देर तक कमरे से कोई गतिविधि नहीं हुई तो होटल कर्मचारियों को संदेह हुआ।
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जब कर्मियों ने कमरे की जांच की तो फारूक खान बाथरूम में अचेत अवस्था में पड़े मिले। होटल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद होटल परिसर और कमरे की गहन जांच की और आवश्यक साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू कर दी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का प्रतीत हो रहा है। हालांकि मौत के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। मामले की जांच निष्पक्ष है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के कारणों का पता चल पाएगा। फारूक खान भारतीय सेना के पूर्व सैनिक थे और लंबे समय से कांग्रेस पार्टी से जुड़े हुए थे। मंजाकोट क्षेत्र में वह एक सक्रिय सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में पहचाने जाते थे।