पहलगाम हमले में मारे गए घोड़े वाले आदिल के परिवार को मिला नया घर, महाराष्ट्र के डिप्टी CM शिंदे ने निभाया वादा
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पहलगाम आतंकी हमले में पर्यटकों को बचाते हुए शहीद हुए घोड़ा संचालक सैयद आदिल शाह के परिवार को एक नया घर भेंट ...और पढ़ें
-1776791529446_m.webp)
पहलगाम हमले में मारा गया था आदिल (जागरण फाइल)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकी हमले के दौरान पर्यटकों को बचाने के लिए आतंकियों से मुकाबला करते हुए अपनी जान न्यौछावर करने वाले स्थानीय घोड़ा संचालक सैयद आदिल शाह के परिवारवालों को मंगलवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमत्री एकनाथ शिंदे ने एक मकान भेंट किया।
शिवसेना की ओर से पहलगाम हमले की पहली बरसी से एक दिन पहले आदिल के गांव हपतनार (पहलगाम) में एक समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें महाराष्ट्र के मंत्री संजय शिरसाट और योगेश रामदास कदम मौजूद रहे, जबकि उपमुख्यमंत्री शिंदे वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। इस दौरान आदिल के परिजनों को मंत्री ने नए मकान की चाबी सौंपी।
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम ने किया था वादा
बता दें कि उपमुख्यमंत्री शिंदे ने पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए सैयद आदिल शाह के परिवारवालों को एक मकान और हर संभव मदद देने का वादा किया था। इस दौरान आदिल के पिता सैयद हैदर ने नए मकान के लिए शिवसेना और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री का आभार जताया।
उन्होंने आदिल की पत्नी और उसके छोटे भाई को सरकारी नौकरी देने के लिए जम्मू कश्मीर सरकार का भी शुक्रिया अदा किया। इस बीच आदिल का परिवार अपने पुराने और टूटे हुए मकान से एक नए मकान में स्थानांतरित हो गया।
खबरें और भी
22 अप्रैल को हुआ था हमला
बता दें कि 22 अप्रैल 2025 को बैसरन (पहलगाम) में आतंकी हमले के दौरान सैयद आदिल शाह ने एक आतंकी से उसकी राइफल छीनने का प्रयास किया था। उस समय आतंकी अंधाधुंध गोलियां बरसाकर पर्यटकों को मार रहे थे। लेकिन राइफल छीनने के दौरान उससे निकली गोलियों ने आदिल के शरीर को भेद दिया और वह मौके पर ही खत्म हो गए।
आदिल का परिवार काफी गरीब है और वह पहलगाम में आने वाले पर्यटकों को अपने घोड़े की सवारी कराकर अपना और अपने परिवार का पेट पाल रहा था। आदिल के पिता सैयद हैदर ने बताया कि शिंदे जी ने आतंकी हमले के बाद अपने साथियों को पैसे की मदद के लिए हमारे घर भेजा और घर बनाने का वादा किया था।
उन्होंने बताया कि उन्होंने (शिंदे) हमें बैठक के लिए श्रीनगर बुलाया और उनकी टीम अब भी हमारे संपर्क में है। उनके एक साथी ने हमसे कहा कि हम आपके बेटों जैसे हैं...मैं भी आपका आदिल हूं, इससे हमें हिम्मत मिलती है। मुझे फख्र है कि आदिल ने अपनी कुर्बानी देकर इंसानियत को बचाने की कोशिश की। वहीं, आदिल की पत्नी नाजिम को मत्स्य विभाग और उसके भाई नजाकत को वक्फ बोर्ड में नौकरी मिली है। उसका दूसरा भाई नौशाद एक टैक्सी का मालिक है।