सर्जियो गोर का श्रीनगर दौरा: पाकिस्तान और अलगाववादियों को करारा जवाब, भारत के स्टैंड पर लगी अमेरिकी मुहर
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का श्रीनगर दौरा पाकिस्तान और अलगाववादियों को स्पष्ट संदेश है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को भारत का महत्वपूर्ण ...और पढ़ें

सर्जियो गोर से मुलाकात करते सीएम उमर अब्दुल्ला। फोटो जागरण
HighLights
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का श्रीनगर दौरा पाकिस्तान को जवाब।
जम्मू-कश्मीर को भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया, अमेरिकी मुहर।
अलगाववादियों से नहीं मिले, यह बड़ा बदलाव है।
नवीन नवाज, श्रीनगर। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का श्रीनगर दौरे के दौरान निश्चिंत अंदाज पाकिस्तानी के साथ-साथ पूरी दुनिया के लिए कश्मीर में बदलाव का स्पष्ट संदेश भी है। गोर का जम्मू-कश्मीर को भारत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताना, यहां के हालात को बहुत अच्छा कहना, डल झील में शिकारा सवारी, परी महल घूमना और अचानक एक कश्मीरी कालीन के शोरूम में पहुंचकर कारीगरों से सीधी बात करना अलगाववादियों और कट्टरपंथियों को करारा जवाब भी है।
कश्मीर मामलों के जानकार उमर मकबूल ने कहा कि कश्मीर को लेकर अमेरिकी कूटनीति में कई बार बदलाव देखने को मिला है। अमेरिकी प्रशासन हमेशा ही कश्मीर के संदर्भ में ऐसी किसी टिप्पणी से बचता रहा है, जो पाकिस्तान को नाराज करती हों।
अलगाववादियों से बनाई दूरी
इसके अलावा अगर आप बीते 35-40 वर्ष के दौरान कश्मीर में अमेरिकी राजनियकों की यात्राओं का इतिहास खंगालेंगे तो पाएंगे कि वह सरकारी और मुख्यधारा के राजनीतिक नेतृत्व के साथ-साथ अलगाववादियों से भी संवाद करते रहे हैं।
कई बार वह जम्मू-कश्मीर में निर्वाचित प्रतिनिधियों से ज्यादा अलगाववादियों के नजदीक नजर आए हैं, लेकिन यह पहला अवसर है जब कश्मीर की अधिकारिक यात्रा पर आए अमेरिकी राजदूत ने किसी भी अलगाववादी नेता या मानवाधिकारों के तथाकथित झंडा बरदार से मुलाकात नहीं की है।
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बातचीत का दायरा बढ़ाना चाहिए
कश्मीर के प्रमुख मजहबी नेता मीरवाइज मौलवी उमर फारूक जो कुछ समय पहले तक खुद को हुर्रियत कान्फ्रेंस का चेयरमैन लिखते थे, ने सर्जियो गोर के बयान को लेकर स्पष्ट प्रतिक्रिया से बचते हुए कहा कि बेशक उनका यह दौरा यहां मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल के साथ मुलाकात तक सीमित है, लेकिन उन्हें बातचीत का दायरा बढ़ाना चाहिए।
भारत के स्टैंड पर अमेरिकी मुहर
कश्मीर मामलों के जानकार और पूर्व पुलिस महानिरीक्षक अशकूर वानी ने कहा कि सर्जियो गोर ने बेशक कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग की जगह, अहम हिस्सा है, आप इसका संदर्भ समझें तो यह बहुत बड़ी बात है। बदलते अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक परिदृश्य में यह कश्मीर पर भारत के स्टैंड पर अमेरिकी मुहर है।
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जम्मू-कश्मीर के मुद्दों का समाधान केंद्र को करना है, वाशिंगटन को नहीं
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अमेरिकी राजदूत से बैठक में भारत-अमेरिका संबंधों के साथ-साथ विशेष रूप से इस बात पर चर्चा हुई कि अमेरिका जम्मू-कश्मीर के लिए क्या कर सकता है। उमर ने कहा कि जैसा कि गोर ने कहा कि यह बहुत अच्छी बैठक रही। हमें दोनों देशों के बीच संबंधों पर चर्चा करने का अवसर मिला।
उमर ने कहा कि कुछ "विरासत में मिले मुद्दे" हैं, जिन्हें समय के साथ सुलझाने की दिशा में काम किया जाएगा। इस बातचीत को आगे बढ़ाने की जरूरत है। वहीं बैठक से पहले पत्रकारों से बातचीत में उमर कहा कि जम्मू-कश्मीर से जुड़े मुद्दों का समाधान केंद्र सरकार को करना है, वाशिंगटन को नहीं। इसलिए हमें उनके सामने कोई शिकायत नहीं रखनी है।
हम क्षेत्रीय मुद्दों, आपसी हितों के मुद्दों पर चर्चा करेंगे, लेकिन उनसे इन मुद्दों का समाधान नहीं मांगेंगे। राजदूत के साथ यह मुलाकात लंबे अंतराल के बाद हो रही है और वह इस बातचीत को लेकर उत्सुक हैं। उन्होंने कहा, मैं उन्हें अधिक सुनना पसंद करूंगा।
भाजपा द्वारा नियुक्तियों में भ्रष्टाचार के आरोपों पर पूछे गए सवाल पर उमर ने कहा कि पुलिस, क्राइम ब्रांच और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो उनके नियंत्रण में नहीं हैं। यदि वास्तव में भ्रष्टाचार हुआ है, तो इसकी जांच होनी चाहिए, मामला दर्ज किया जाना चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
