वैष्णो देवी हेलीकॉप्टर सेवा होगी महंगी! अब श्रद्धालुओं को चुकाना होगा अधिक किराया
मां वैष्णो देवी हेलीकॉप्टर सेवा का किराया बढ़ने वाला है, जिससे श्रद्धालुओं को अब एक तरफ की यात्रा के लिए 2700 रुपये चुकाने होंगे।

मां वैष्णो देवी की यात्रा के लिए श्रद्धालुओं हेलीकॉप्टर सेवा के लिए श्रद्धालुओं को ढीली करनी पड़ेगी जेब
HighLights
हेलीकॉप्टर सेवा का किराया 2320 से बढ़कर 2700 रुपये होगा।
एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में वृद्धि मुख्य कारण।
बढ़ा हुआ किराया जल्द ही लागू होने की संभावना है।
जागरण संवाददाता, ऊधमपुर कटड़ा। मां वैष्णो देवी के भक्तों को जल्द ही तगड़ा झटका लग सकता है। जी हां, माता के दर्शनों के लिए हेलीकॉप्टर सेवा का लाभ लेने वाले श्रद्धालुओं को आने वाले दिनों में अधिक किराया चुकाना पड़ सकता है। हेलीकॉप्टर सेवा के एक तरफ के किराये में करीब 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी किए जाने की संभावना है। वर्तमान में श्रद्धालु प्रति व्यक्ति एक तरफ की यात्रा के लिए 2320 रुपये अदा कर रहे हैं।
ऐसे में प्रस्तावित बढ़ोतरी के बाद यह किराया बढ़कर करीब 2700 रुपये हो जाएगा। यानी प्रति व्यक्ति एक तरफ के किराये में करीब 380 रुपये की वृद्धि होगी।
कब से बढ़ेगा किराया?
सूत्रों के अनुसार, बढ़ा हुआ किराया आगामी शारदीय नवरात्र के दौरान लागू किया जा सकता है। हालांकि, कुछ चर्चाओं के मुताबिक इसे एक नवंबर से लागू किए जाने की बात सामने आ रही है। दूसरी ओर, सूत्रों का कहना है कि 16 अक्टूबर को जारी शारदीय नवरात्र के दौरान ही नया किराया लागू होने की पूरी संभावना है।
हालांकि, श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से अभी तक किराये में बढ़ोतरी अथवा इसे लागू करने की तिथि को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। किराये में बढ़ोतरी का प्रमुख कारण एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमतों में वृद्धि बताया जा रहा है।
नया किराया लागू होने के बाद हेलीकॉप्टर से आने-जाने वाले श्रद्धालु को प्रति व्यक्ति कुल 5400 रुपये खर्च करने पड़ेंगे। वर्तमान में दोनों तरफ का किराया 4640 रुपये है। इससे श्रद्धालुओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
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समय की बचत के साथ मिलते हैं विशेष दर्शन
मां वैष्णो देवी की यात्रा में हेलीकॉप्टर सेवा को महत्वपूर्ण माना जाता है, विशेषकर बुजुर्गों, चलने में असमर्थ श्रद्धालुओं और कम समय में यात्रा पूरी करने की इच्छा रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह सेवा काफी उपयोगी है। हेलीकॉप्टर से कटड़ा से सांझीछत तक का सफर महज करीब पांच मिनट में पूरा हो जाता है।
इसके साथ ही आने-जाने की टिकट बुक करवाने वाले श्रद्धालुओं को श्राइन बोर्ड की ओर से विशेष दर्शन की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाती है, जिससे उन्हें दर्शन के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता।
कब से कब तक चलती है हेलीकॉप्टर सेवा?
हेलीकॉप्टर सेवा को श्रद्धालुओं के बीच काफी व्यस्त सेवा माना जाता है। सामान्य दिनों में दोनों हेलीकॉप्टर कंपनियों के हेलीकॉप्टर प्रतिदिन करीब 60 से 70 उड़ानें भरते हैं। सेवा सुबह करीब सात बजे से शाम पांच बजे तक संचालित होती है।
एक उड़ान में करीब पांच से छह श्रद्धालु सवार होते हैं। कटड़ा से उड़ान भरने के बाद हेलीकॉप्टर सांझीछत स्थित हेलीपैड पर उतरता है। सांझीछत से भवन की दूरी करीब डेढ़ किलोमीटर है। जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं के लिए घोड़ा, पिट्ठू और पालकी की सुविधा भी उपलब्ध रहती है।
90 के दशक में शुरू हुई थी हेलीकॉप्टर सेवा
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए श्राइन बोर्ड ने 1990 के दशक में पहली बार हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की थी। उस समय कटड़ा में दिवंगत स्वामी धीरेन्द्र ब्रह्मचारी के विश्ववयातन योग आश्रम परिसर में अस्थायी हेलीपैड बनाया गया था। यहां से उड़ान भरने वाले हेलीकॉप्टर सांझीछत क्षेत्र में सेना के हेलीपैड पर उतरते थे।
कुछ बर्ष तक सेवा सुचारू रहने के बाद सांझीछत क्षेत्र में हेलीकॉप्टर दुर्घटना का शिकार हो गया था। हादसे में पायलट सहित सभी श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। इसके बाद हेलीकॉप्टर सेवा को बंद कर दिया गया और कई वर्षों तक यह सेवा बंद रही।
वर्ष 2000 में एक बार फिर श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की। शुरुआत में पवन हंस कंपनी ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। समय के साथ कई अन्य कंपनियां भी इस सेवा से जुड़ीं।
वर्तमान में हिमालयन हेली सर्विसेज और ग्लोबल विंट्रा द्वारा हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध करवाई जा रही है। ग्लोबल विंट्रा करीब 15 वर्षों से, जबकि हिमालयन हेली सर्विसेज करीब 12 वर्षों से श्रद्धालुओं को अपनी सेवाएं दे रही है।
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