ऊधमपुर में डेंगू के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का अभियान तेज, फॉगिंग के साथ लोगों को किया जा रहा जागरूक
ऊधमपुर में डेंगू के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद ने रोकथाम अभियान तेज कर दिया है।

ऊधमपुर में डेंगू पर स्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद का संयुक्त प्रहार
HighLights
स्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद ने डेंगू रोकथाम अभियान तेज किया
फॉगिंग, जागरूकता, जांच पर जोर; जल जमाव रोकने की अपील
सितंबर में डेंगू मामलों में वृद्धि की आशंका, सतर्कता बढ़ाई गई
जागरण संवाददाता, ऊधमपुर। जिले में डेंगू के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद ने संयुक्त रूप से रोकथाम अभियान तेज कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को डेंगू से बचाव के प्रति जागरूक कर रही हैं, जबकि नगर परिषद की टीमें विभिन्न वार्डों और संवेदनशील इलाकों में फॉगिंग अभियान चला रही हैं।
विभागीय स्तर पर सतर्कता और समय रहते किए जा रहे प्रयासों का असर यह है कि वर्ष 2026 में अब तक जिले में डेंगू के 16 मामले सामने आए हैं। वहीं, जीएमसी में डेंगू की जांच की प्रक्रिया को भी तेज किया गया है, ताकि संदिग्ध मरीजों की समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
डेंगू की रोकथाम बनी बड़ी चुनौती
जिले में वर्ष 2022 से डेंगू के मामलों में लगातार उतार-चढ़ाव के साथ बढ़ोतरी देखने को मिली है। स्वास्थ्य विभाग के लिए डेंगू की रोकथाम एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। वर्ष 2026 में भी डेंगू का पहला मामला जनवरी में ही सामने आया था। इसके बाद फरवरी में दूसरा और मार्च में तीसरा मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संभावित स्थिति को देखते हुए अपनी तैयारियां बढ़ा दी थीं।
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एक हफ्ते से हो रही फॉगिंग
शुरुआती महीनों में मामले सामने आने से इस वर्ष भी डेंगू के मामलों में बड़ा उछाल आने की आशंका व्यक्त की जा रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वे, निगरानी और जागरूकता गतिविधियों को तेज किया। अब नगर परिषद भी अभियान में सक्रिय भागीदारी निभा रही है और करीब एक सप्ताह से शहर के विभिन्न हिस्सों में फॉगिंग करवाई जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को डेंगू फैलाने वाले मच्छर के प्रजनन स्थलों को खत्म करने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। अधिकारियों का जोर इस बात पर है कि घरों और आसपास के क्षेत्रों में पानी जमा न होने दिया जाए, क्योंकि रुका हुआ पानी मच्छरों के पनपने का प्रमुख कारण बन सकता है।
सितंबर में बढ़ सकती है चुनौती
हर वर्ष सितंबर में डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी की आशंका रहती है। मौसम में बदलाव और तापमान में कमी के कारण डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं। ऐसे में सितंबर महीना स्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद के लिए विशेष सतर्कता का समय माना जा रहा है।
विभागीय स्तर पर फॉगिंग, सर्वे और लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ डेंगू के संभावित मामलों की पहचान और जांच पर भी जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों का प्रयास है कि बीमारी के फैलाव को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित किया जाए।
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2023 में सामने आए थे रिकॉर्ड 729 मामले
जिले में डेंगू के मामलों का पिछला रिकॉर्ड भी चिंता बढ़ाने वाला रहा है। वर्ष 2022 में कुल 559 मामले सामने आए थे। इसके बाद वर्ष 2023 में रिकॉर्ड 729 लोग डेंगू से संक्रमित हुए, जबकि इस दौरान दो लोगों की मौत भी हुई थी।
वर्ष 2024 में डेंगू के 328 मामले सामने आए, जबकि वर्ष 2025 में कुल 436 लोग डेंगू की चपेट में आए। इन आंकड़ों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग इस वर्ष पहले से ही एहतियाती कदम उठा रहा है, ताकि पिछले वर्षों जैसी स्थिति पैदा न हो।
डेंगू से बचाव के लिए क्या करें
1. इसके लिए घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देना चाहिए।
2. कूलर, गमले, टायर, छतों पर रखे कंटेनर, बाल्टियों और अन्य बर्तनों में जमा पानी को नियमित रूप से खाली और साफ करना चाहिए। पानी की टंकियों और अन्य जल भंडारण पात्रों को ढककर रखना भी जरूरी है।
3. सुबह और शाम के समय मच्छरों से बचाव के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहनना और मच्छरदानी अथवा सुरक्षित मच्छर-रोधी उपायों का इस्तेमाल करना भी मददगार है।
4. आसपास कहीं पानी जमा दिखाई दे तो उसे हटाने या संबंधित नगर निकाय को इसकी सूचना देने से भी मच्छरों के प्रजनन को रोकने में मदद मिल सकती है।
डेंगू के प्रमुख लक्षण पहचानना जरूरी
1. डेंगू होने पर आमतौर पर अचानक तेज बुखार
2. सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द
3. मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द तथा अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
4. कुछ लोगों में मतली या उल्टी और त्वचा पर चकत्ते भी हो सकते हैं।
यदि तेज बुखार या ऐसे लक्षण दिखाई दें तो स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय सलाह और आवश्यक जांच करवाना उचित है। विशेष रूप से यदि मरीज की हालत बिगड़ती महसूस हो, लगातार उल्टी हो, अत्यधिक कमजोरी या बेचैनी हो अथवा किसी प्रकार का असामान्य रक्तस्राव दिखाई दे तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
सिर्फ फॉगिंग नहीं, लोगों की भागीदारी भी जरूरी
डेंगू की रोकथाम के लिए फॉगिंग अभियान के साथ-साथ घरों और आसपास मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करना भी जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद की ओर से चलाए जा रहे संयुक्त अभियान को सफल बनाने के लिए लोगों का सहयोग महत्वपूर्ण रहेगा।
स्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद की कोशिश है कि सितंबर के दौरान डेंगू के संभावित मामलों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए और जिले में बीमारी के प्रसार को सीमित किया जा सके। इसके लिए जागरूकता, नियमित सफाई, पानी के ठहराव को रोकना, फॉगिंग और समय पर जांच को प्रमुख हथियार बनाया गया है।
इस वर्ष स्वास्थ्य विभाग ने पहले ही सतर्क होकर जागरूकता अभियान चलाना शुरू कर दिया है और इसी का प्रयास है कि अभी तक केवल 16 मामले ही सामने आए है। डेंगू से बचाव व अंकुश लगाने को लेकर लोगों को भी सहयोग करना होगा।
मोहम्मद लतीफ, जिला मलेरिया अधिकारी ने लोगों से अपील की है कि सतर्क रह कर ख्याल रखे कि घर के अंदर व बाहर साफ पानी ज्यादा दिनों तक जमा हो। जहां पर भी साफ पानी जमा नजर आए तो उसको नष्ट कर दें। बच्चों को शाम के समय घर से बाहर पूरी बाजू के कपड़े पहना कर ही भेजे। सतर्क रह ही हम डेंगू के डंक से बच सकते हैं।
