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    झारखंड में घर-घर जाकर किरायेदारों के डॉक्यूमेंट मांग रही पुलिस, मकान मालिकों से की सहयोग की अपील

    Updated: Wed, 22 Jul 2026 11:43 PM (GMT+05:30)

    बोकारो पुलिस ने चीरा चास और सेक्टर चार थाना क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण के लिए किरायेदार सत्यापन अभियान शुरू किया है। पुलिस घर-घर जाकर किरायेदारों की ...और पढ़ें

    किरायेदारों की जानकारी लेती पुलिस। फोटो जागरण

    किरायेदारों की जानकारी लेती पुलिस। फोटो जागरण

    HighLights

    1. बोकारो पुलिस ने किरायेदार सत्यापन अभियान शुरू किया।

    2. अपराध नियंत्रण हेतु सुरक्षित माहौल बनाने का लक्ष्य।

    3. मकान मालिकों से किरायेदारों की जानकारी देने की अपील।

    जागरण संवाददाता, बोकारो। चीरा चास व सेक्टर चार थाना इलाके में अपराध नियंत्रण के साथ-साथ सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किरायेदार सत्यापन अभियान शुरू कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीना के निर्देश पर चीरा चास थाना प्रभारी रवि नारायण झा और सेक्टर चार थाना प्रभारी संजय कुमार की अगुवाई में पुलिस टीम घर-घर पहुंचकर किरायेदारों का सत्यापन कर रही है।

    अभियान के तहत मकान मालिकों को निर्धारित प्रपत्र उपलब्ध कराकर किरायेदारों की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि क्षेत्र में रहने वाले प्रत्येक किरायेदार का सत्यापित रिकॉर्ड पुलिस के पास उपलब्ध हो सके।

    चीरा चास थाना क्षेत्र के वास्तु विहार के अलावा अन्य कॉलोनी में थाना प्रभारी रवि नारायण झा ने मकान मालिकों, स्थानीय लोगों तथा आवासीय समिति के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर अभियान की जानकारी बुधवार को दी।

    अपराध रोकने के लिए कदम 

    उन्होंने कहा कि बदलते समय में किरायेदार सत्यापन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि अपराध रोकने का प्रभावी माध्यम है। कई बार अपराधी अपनी पहचान छिपाकर किराए के मकानों में रहने लगते हैं और बाद में बड़ी घटनाओं को अंजाम देते हैं। समय रहते उनकी पहचान हो जाने पर पुलिस अपराध होने से पहले ही कार्रवाई कर सकती है।

    उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे किरायेदार सत्यापन प्रपत्र में मकान मालिक का नाम, पता, पेशा और मोबाइल नंबर के साथ किरायेदार का नाम, पिता का नाम, स्थायी पता, उम्र, मोबाइल नंबर और फोटो दर्ज करना अनिवार्य होगा।

    इसके अलावा आधार कार्ड, वोटर पहचान पत्र, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, शस्त्र लाइसेंस अथवा पासपोर्ट में से किसी एक पहचान पत्र का विवरण भी देना होगा। प्रपत्र पर मकान मालिक और किरायेदार दोनों के हस्ताक्षर लिए जाएंगे तथा सूचना जमा करने पर पुलिस की ओर से इसकी पावती भी दी जाएगी।

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    संदिग्ध किरायेदार की सूचना देने की अपील

    थाना प्रभारी ने लोगों से अपील की कि यदि किसी मोहल्ले या कॉलोनी में कोई संदिग्ध व्यक्ति किरायेदार के रूप में रह रहा हो या उसकी गतिविधियां असामान्य प्रतीत हों तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को देनी है।

    उन्होंने कहा कि अपराधियों को अपने आसपास पनाह नहीं मिलने देना समाज की भी जिम्मेदारी है। आम लोगों के सहयोग से ही अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।

    घर-घर जा रही पुलिस 

    सेक्टर चार थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि पुलिस टीम लगातार घर-घर जाकर किरायेदार रखने वाले मकान मालिकों से संपर्क कर रही है। किरायेदारों की फोटो ली जा रही है और उनका पूरा ब्योरा पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि सत्यापन अभियान का उद्देश्य क्षेत्र में रहने वाले हर किरायेदार की प्रमाणिक जानकारी पुलिस के पास उपलब्ध कराना है, जिससे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके।

    रवि नारायण झा ने बताया कि चीराचास क्षेत्र की सभी आवासीय समितियों के अध्यक्ष, सचिव एवं कार्यकारिणी सदस्यों को भी सत्यापन प्रपत्र उपलब्ध कराया जाएगा। उनके माध्यम से अधिक से अधिक मकान मालिकों तक पहुंचकर किरायेदारों का सत्यापन कराया जाएगा।

    इसके अलावा अन्य माध्यमों से भी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि कोई भी किरायेदार सत्यापन से वंचित न रहे। पुलिस ने सभी मकान मालिकों से अपील की है कि वे किरायेदार रखने से पहले और बाद में सत्यापन अवश्य कराएं।

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