बोकारो स्टील प्लांट में मजदूरों का आक्रोश, एक भी मजदूर की छंटनी होने पर चक्का जाम की चेतावनी
क्रांतिकारी इस्पात मजदूर संघ ने बोकारो स्टील प्लांट में नौकरी छीनों नीति के खिलाफ आक्रोश सभा का आयोजन किया। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि एक भी मजदूर की ...और पढ़ें
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एक भी मजदूर की छंटनी हुई तो प्लांट का होगा चक्का जाम

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जागरण संवाददाता, बोकारो। क्रांतिकारी इस्पात मजदूर संघ की ओर से बुधवार को बीएसएल के सुदर्शन कैंटीन में भारत सरकार एवं सेल प्रबंधन की नौकरी छीनों नीति के खिलाफ आक्रोश सभा का आयोजन किया गया।
मौके पर यूनियन के महामंत्री राजेंद्र सिंह ने आक्रोश सभा को मुंबई से वर्चुअल संबोधित किया। कहा कि जिन मजदूरों ने अपने खून-पसीने से सींचकर प्लांट को सर्वश्रेष्ठ उत्पादन दिया है, आज उन्हीं मजदूरों की रोजी-रोटी छिनने की साजिश रची जा रही है।
विवेकहीन प्रबंधन को मजदूरों की ताकत से परिचित करवाना आवश्यक हो गया है। कहा कि बोकारो प्रबंधन पूरी तरह से निरंकुश बन चुका है। मजदूरों को ना सिर्फ प्राप्त अधिकारों से वंचित किया जा रहा है, बल्कि हक और अधिकार के लिए आवाज उठाने वाले मजदूरों को भांति-भांति रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
स्किल्ड मजदूर के आश्रित इलाज के अभाव में तड़प-तड़प कर मरने को मजबूर हैं। मेडिकल बुकिंग की अवधि जो पहले तीन माह थी, उसे घटाकर एक माह कर दिया गया है। सुरक्षा की हालत तो किसी से छुपी नहीं है। आए दिन दुर्घटनाएं हो रहीं हैं और अधिकारी मौज कर रहें हैं।
कहा कि 40 प्रतिशत की छंटनी तो दूर, एक भी मजदूर एक दिन भी काम से बाहर रहा तो मजदूर सीधे आंदोलन को मजबूर होंगें। सभा को शशिभूषण, जुम्मन खान, अमित यादव, टुनटुन सिंह, हरेराम सिंह, लालबाबू सिंह, दिगंबर, नीतिश कुमार आदि ने भी संबोधित किया।