यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मंदिर में हो रही थी बेटी की शादी, घर पर चल गया बुलडोजर; मंजर देखते ही बेहोश होकर गिर पड़ीं महिला
Bokaro News निदेशालय परियोजना भूमि एवं पुनर्वास बोकारो के निर्देश पर सोमवार को जरीडीह प्रखंड शासन प्रशासन ने जैनामोड़ फोरलेन चौक समीप डीपीएलआर की अतिक् ...और पढ़ें

HighLights
- JCB से छह कमरों के मकान को ध्वस्त कर दिया गया
- बेरमो अनुमंडल दंडाधिकारी के आदेश पर कार्रवाई हुई
संवाद सहयोगी, जैनामोड़। निदेशालय परियोजना भूमि एवं पुनर्वास बोकारो के निर्देश पर सोमवार को जरीडीह प्रखंड शासन प्रशासन ने जैनामोड़ फोरलेन चौक समीप डीपीएलआर की अतिक्रमित भूमि के खिलाफ जेसीबी से छह कमरों के मकान को ध्वस्त कर दिया। भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए लघु सिंचाई विभाग के कनीय अभियंता रंजीत कुमार रवानी दंडाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त किए गए थे।
उनके साथ सीओ प्रणव ऋतुराज, बीडीओ जयपाल महतो, जेएसएस मोहनलाल ठाकुर, थाना प्रभारी अमित कुमार राय के अलावा भारी मात्रा में महिला एवं पुरुष पुलिस जवान मौजूद थे। बेरमो अनुमंडल दंडाधिकारी तेनुघाट के आदेश पर अतिक्रमण को जेसीबी से हटाया गया। भूमि से अतिक्रमण हटाने के दरम्यान प्रशासन को अतिक्रमणकारियों के विरोध का भी सामना करना पड़ा। अतिक्रमण हटाने के लिए इससे पूर्व छह बार प्रयास किया गया था।
दुल्हन की पोशाक में पहुंची बेटी तो जताया विरोध
गृहस्वामी संतोष महतो ने बताया कि बेटी सुमन की शादी को लेकर सपरिवार तुपकाडीह शिव मंदिर पहुंचे थे कि अचानक खबर मिली की घर तोड़ा जा रहा है। खबर सुनकर शादी की रस्म जैसे-तैसे संपन्न करवाने के बाद पहुंचा तो देखा घरों को तोड़ दिया गया है। इसका विरोध करने के बाद सभी दबे पांव खिसक गए।
दुल्हन की पोशाक में पहुंची सुमन ने भी प्रशासन पर जमकर गुस्सा निकाला। कहा न तो डीपीएलआर और न ही स्थानीय प्रशासन द्वारा कोई नोटिस व सूचना दिए बिना हमारे आशियाना को आखिर क्यों उजाड़ा गया। घर की 80 वर्षीय वृद्ध महिला अपना आशियाना उजड़ता देख मौके पर कई बार बेहोश होकर गिर पड़ीं।
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इसके बाद प्रशासन ने एंबुलेंस बुलाकर उक्त वृद्ध महिला को अस्पताल भिजवाया गया। इस अतिक्रमण के विरुद्ध हुई बड़ी कार्रवाई के बाद खेमे के लोग का कहना है कि संपन्न लोगों के विरुद्ध डीपीएलआर की कार्रवाई नहीं होती है, बल्कि कमजोर लोगों को परेशान किया जाता है।