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    बोकारो में BOI की लापरवाही: 36 पैसे और ₹2.25 रुपये के फेर में 2 बुजुर्गों की पेंशन ठप, अकाउंट फ्रीज

    Updated: Wed, 10 Jun 2026 07:46 PM (IST)

    बैंक ऑफ इंडिया की कसमार शाखा की तकनीकी और प्रशासनिक लापरवाही के कारण दो बुजुर्गों की वृद्धावस्था पेंशन रुक गई है। ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. कसमार में बैंक की तकनीकी गलती से पेंशन रुकी।

    2. दो बुजुर्गों के खाते मामूली बकाया पर फ्रीज हुए।

    3. उच्च अधिकारियों से पेंशन बहाली की मांग की गई।

    विकास गोस्वामी, कसमार। बैंक ऑफ इंडिया की कसमार शाखा की एक हैरान करने वाली तकनीकी और प्रशासनिक लापरवाही के कारण दो बुजुर्ग ग्रामीण गंभीर मानसिक और आर्थिक परेशानी से गुजर रहे हैं।

    बैंक प्रबंधन की इस संवेदनहीनता के कारण कसमार प्रखंड अंतर्गत गररी पंचायत के बनकनारी टोला निवासी 80 वर्षीय इमामुद्दीन अंसारी और तेलमुंगा निवासी 72 वर्षीय देवनाथ गोसाईं की वृद्धावस्था पेंशन पिछले कई महीनों से बंद है, जिससे उनके सामने भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है।

    क्या है पूरा मामला

    मिली जानकारी के अनुसार, दोनों बुजुर्गों ने बैंक ऑफ इंडिया की कसमार शाखा से किसान क्रेडिट कार्ड ऋण लिया था। सरकार के निर्देश पर आयोजित ऋण समझौता शिविर में दोनों ने अपनी ऋण राशि चुकता कर दी, जिसके बाद बैंक द्वारा उन्हें बाकायदा 'नो ड्यूज प्रमाण पत्र' भी जारी कर दिया गया।

    विवाद तब शुरू हुआ जब नो ड्यूज मिलने के बावजूद बैंक प्रणाली द्वारा अचानक इमामुद्दीन अंसारी के खाते में 36 पैसे और देवनाथ गोसाईं के खाते में 2 रुपये 25 पैसे क्रेडिट (बकाया के रूप में) दिखा दिए गए। इतनी मामूली रकम को आधार बनाकर बैंक ने दोनों बुजुर्गों के खातों को एनपीए घोषित करते हुए फ्रीज कर दिया।

    खाते फ्रीज होने से रुकी बुढ़ापे की लाठी

    खाता फ्रीज होने के कारण दोनों बुजुर्गों को मिलने वाली सरकारी वृद्धावस्था पेंशन पर रोक लग गई है। पीड़ित बुजुर्गों ने बताया कि वे पिछले कई महीनों से अपने पासबुक और नो ड्यूज प्रमाण पत्र लेकर बैंक के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई उनकी सुध लेने वाला नहीं है।

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    अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग

    इस अमानवीय मामले को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। गररी पंचायत के राजेश कपरदार,बजरंगी प्रजापति समेत कई समाजसेवियों ने इस मामले को मानवीय दृष्टिकोण से देखने की अपील की है।

    बुजुर्गों ने जिले के उच्च प्रशासनिक अधिकारियों और बैंक के वरीय अधिकारियों से इस तकनीकी त्रुटि को तुरंत सुधारने और उनकी पेंशन बहाल करने की मांग की है।

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    यह मामला मेरे कार्यकाल से पहले का है और मैंने कुछ ही समय पूर्व इस शाखा में योगदान दिया है। दोनों बुजुर्ग पेंशनधारियों का मामला अब मेरे संज्ञान में आया है। किस तकनीकी कारण से उनका एकाउंट एनपीए या फ्रीज हुआ है, इसकी जांच जल्द कराकर समस्या का स्थाई समाधान कर दिया जाएगा।'

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    जितेंद्र कुमार, शाखा प्रबंधक, बैंक ऑफ इंडिया (कसमार)