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    चतरा में शिक्षा व्यवस्था चरमराई: 2 BEEO के भरोसे चल रहा 1569 स्कूल, पढ़ाई की गुणवत्ता पर पड़ रहा असर

    Updated: Sun, 12 Apr 2026 03:41 PM (IST)

    चतरा जिले की शिक्षा व्यवस्था बदहाल है, जहाँ 1569 विद्यालयों की निगरानी केवल दो प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों (बीईईओ) के भरोसे चल रही है। अधिकांश ब ...और पढ़ें

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    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

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    अमन राणा, चतरा। जिले की शिक्षा व्यवस्था अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। जिले में संचालित 1569 विद्यालयों की निगरानी महज दो प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (बीईईओ) के भरोसे चल रही है। वर्तमान में बीईईओ की तैनाती केवल हंटरगंज और इटखोरी प्रखंड में है, जबकि शेष दस प्रखंडों में यह महत्वपूर्ण पद लंबे समय से रिक्त पड़ा हुआ है।

    बीईईओ की कमी का सीधा असर विद्यालयों की कार्यप्रणाली पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। नियमित निरीक्षण नहीं होने से शिक्षकों की उपस्थिति, कक्षा संचालन, पठन-पाठन की गुणवत्ता तथा अनुशासन पर प्रभाव पड़ा है।

    कई विद्यालयों में समय पर कक्षाएं नहीं चलने और शैक्षणिक गतिविधियों में ढिलाई की शिकायतें सामने आ रही हैं, लेकिन निरीक्षण तंत्र कमजोर होने के कारण इन पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पा रहा है।

    जिला शिक्षा अधीक्षक रामजी कुमार सदर बीईईओ के अतिरिक्त प्रभार पर है। जबकि हंटरगंज के बीईईओ किशोर कुमार लावालौंग, कुंदा व प्रतापपुर प्रखंड का अतिरिक्त प्रभार है। वहीं इटखोरी बीईईओ कमल किशोर पातर गिद्धौर, राजपुर व मयूरहंड प्रखंड का अतिरिक्त प्रभार है। जबकि क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी अंबुज राज लक्ष्मी के जिम्मे सिमरिया, टंडवा व पत्थलगड़ा का प्रभार है।

    सीमित संसाधनों और समय के अभाव में वे सभी प्रखंडों के विद्यालयों तक नियमित रूप से नहीं पहुंच पा रहे हैं। इसका परिणाम यह है कि कई स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं जैसे पेयजल, शौचालय, भवन मरम्मत और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की भी समय पर समीक्षा नहीं हो पा रही है।

    बीईईओ के अभाव की वजह से केवल शैक्षणिक व्यवस्था ही नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी इसका असर पड़ रहा है। मध्याह्न भोजन, छात्रवृत्ति, पुस्तक वितरण, पोशाक योजना सहित अन्य कार्यक्रमों की निगरानी भी बाधित हो रही है।

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    समय-समय पर समीक्षा और फीडबैक के अभाव में योजनाओं की गति धीमी पड़ गई है, जिससे विद्यार्थियों को मिलने वाले लाभ में भी अनियमितता की स्थिति बन रही है।

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    प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी की कमी को देखते हुए विभाग को पत्राचार किया गया है। सभी जिलों में बीईईओ की कमी है। जिस वजह से पर्याप्त पोस्टिंग नही हुई है। विभाग की ओर से बहाली प्रक्रिया प्रारंभ है।

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    रामजी कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक, चतरा।