चक्रधरपुर में रेलवे की मनमानी, बिना बताए बंद किए गए तीन प्रवेश द्वार; लोगों में भारी आक्रोश
रेलवे प्रशासन ने चक्रधरपुर में भारत भवन के पास तीन मुख्य प्रवेश द्वार बिना सूचना के अचानक बंद कर दिए, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। । ...और पढ़ें
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जागरण संवाददाता, चक्रधरपुर। रेलवे कॉलोनी स्थित भारत भवन के समीप शनिवार रात करीब 10:30- 11 बजे के बीच रेलवे प्रशासन द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना के भारत भवन से स्टेशन की और जाने वाले मुख्य सड़क में स्थापित किए गए प्रवेश द्वार, प्रेम निवास स्थित प्रवेश द्वार और आदिवासी मित्र मंडल के समीप बने प्रवेश द्वार को अचानक बंद कर दिए जाने से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश।
अचानक लिए गए इस फैसले के कारण चक्रधरपुरवासी खुद को मानो “कैद” महसूस करने लगे। लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो गया।
रेलवे के इस कदम से नाराज स्थानीय लोगों ने मौके पर ही विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों का कहना है कि बिना सूचना इस तरह गेट बंद करना आम जनता की सुविधा और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।
स्थानीय निवासियों ने रेलवे प्रशासन से इस निर्णय को तुरंत वापस लेने और भविष्य में इस तरह के फैसलों से पहले उचित सूचना देने की मांग की है। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई थी और लोगों का गुस्सा शांत कराने के लिए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की जा रही थी।
भारतभवन के समीप रात अधिक होने के कारण स्थानीय लोगो ने रेलवे के ख़िलाफ़ धरना प्रदर्शन कुछ देर किया। इस बीच कुछ लोगो ने रेल प्रशासन के द्वारा प्रवेश द्वार में लगाए ताला को तोड़ द्वार खोल दिया।
स्थानीय लोगो ने कहा की इस मामले में मंडल के डीआरएम तरुण हूरिया से मुलाकात कर समस्या का समाधान करेगे। लोगो ने कहा की रेलवे समय पर ट्रेनों को चला नहीं पा रही है इस लिए जानता में भरी आक्रोश है । इससे ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की हरकत कर रही है।