चतरा के गिद्धौर में जल जीवन मिशन योजना अधूरा: चार साल बाद भी लोगों को नहीं मिला नल का जल, पेयजल का इंतजार
चतरा के गिद्धौर प्रखंड में ₹33.46 करोड़ की जल जीवन मिशन योजना चार साल बाद भी अधूरी है। जून 2023 में शुरू हुई यह ग्रामीण पाइप जलापूर्ति योजना धीमी गति ...और पढ़ें
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HighLights
गिद्धौर में ₹33.46 करोड़ की जल जीवन मिशन योजना अधूरी।
चार साल बाद भी ग्रामीणों को नल का जल नहीं मिला।
गर्मी में पेयजल संकट, ग्रामीण प्रशासन से तेजी की मांग।
संवाद सहयोगी, गिद्धौर (चतरा)। प्रखंड क्षेत्र में जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल पहुंचाने का सपना अब तक अधूरा ही है। करीब 33.46 करोड़ रुपये की लागत से संचालित ग्रामीण पाइप जलापूर्ति योजना चार वर्ष बाद भी पूरी नहीं हो सकी है, जिससे ग्रामीणों में निराशा व्याप्त है।
पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, चतरा द्वारा इस महत्वाकांक्षी योजना का कार्य जून 2023 में शुरू किया गया था। योजना के तहत पूरे प्रखंड को पाइपलाइन के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना लक्ष्य रखा गया था। निर्माण कार्य और पाइप बिछाने की जिम्मेदारी धनबाद की एक निजी कंस्ट्रक्शन कंपनी को दी गई है, लेकिन कार्य की गति काफी धीमी बनी हुई है।
पाइपलाइन बिछाने का काम अधूरा
हालांकि केंदुआ, गांगपुर और बारिसाखी पंचायतों में पानी टंकी का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। वहीं प्रखंड मुख्यालय में जल शुद्धिकरण संयंत्र (फिल्टर प्लांट) भी अंतिम चरण में है। इसके बावजूद अधिकांश गांवों में अब तक पाइपलाइन बिछाने का कार्य अधूरा है,जिससे योजना का लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
करीब 2 साल से योजना अधूरी
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि योजना को वर्ष 2024 के अंत तक पूरा कर लिया जाना था, लेकिन समयसीमा बीतने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। गर्मी का मौसम शुरू होते ही जल संकट गहराने लगा है, ऐसे में लोगों को इस वर्ष भी पेयजल के लिए पुराने स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ सकता है।
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ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से योजना में तेजी लाने की मांग की है, ताकि जल्द से जल्द हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंच सके। वहीं विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कार्य प्रगति पर है और शेष कार्य को शीघ्र पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।