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    सावन से पहले देवघर बाबा मंदिर में सुरक्षा बढ़ी, पाकिस्तानी करेंसी मिलने के बाद प्रशासन सख्त; अवैध दुकानें हटाई गईं

    Updated: Thu, 16 Apr 2026 03:28 PM (IST)

    देवघर बाबा मंदिर में सावन से पहले सुरक्षा बढ़ाई गई है। पाकिस्तानी करेंसी मिलने और खुफिया रिपोर्ट के बाद प्रशासन सख्त हो गया है। मंदिर परिसर से अवैध दु ...और पढ़ें

    संवाद सूत्र, देवघर। सुरक्षा के दृष्टिकोण से समय समय पर बाबा मंदिर परिसर से पूजन सामग्री दुकानों को हटाने का अभियान चलता रहा है। लेकिन पाकिस्तानी करेंसी मिलने और खुफिया रिपोर्ट के बाद मंदिर की सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक सख्ती बढ़ गयी है।

    मंदिर के चारों मुख्य द्वार पर जांच के स्थायी उपकरण लगाने की योजना है और अभी अस्थायी तौर पर निरंतर बैग की जांच की जा रही है। मंदिर प्रांगण में अवैध और अनिबंधित अस्थायी दुकानों को हटाया जा रहा है। वैध व रजिस्टर्ड दुकानों को शर्त के साथ दुकान लगाने की अनुमति दी जा रही है।

    मंदिर के हर एक कर्मी के साथ साथ मंदिर कार्य में किसी ना किसी रूप से जुड़े एक एक लोगों का डेटा बेस तैयार कर उनको परिचय पत्र दिया जा रहा है। इसमें दो सौ लोगों ने अपना आधार कार्ड व प्रामाणिक दस्तावेज दे दिया है। मंदिर प्रांगण में दो दिनों से अवैध दुकानों को हटाया जा रहा है। एसडीएम खुद अपनी उपस्थिति में इसे करा रहे हैं।

    दुकानदार, फोटोग्राफर का हो रहा डेटा तैयार

    बाबा बैद्यनाथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए सिस्टम तैयार किया जा रहा है। एक एक कर्मी का डेटा बेस तैयार किया जा रहा है। सबका पूरा डिटेल प्रशासन के पास होगा।

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    मंदिर परिसर में कई अस्थायी दुकानें लगती है। फूल-बेलपत्र, सिंदूर, पूजा की सामग्री, धूप अगरबत्ती बेचने वाले रहते हैं। फोटोग्राफर होते हैं। गठबंधन चढ़ाने वाले गुमास्ता होते हैं। अब सबका डेटा बेस बन रहा है। इस बार इस डेटा बेस को तैयार करने में मंदिर थाना पुलिस काम कर रही है।

    सुरक्षा के लिहाज से डेटा बेस तैयार किया जा रहा है। पुलिस और मंदिर प्रशासन संयुक्त रूप से आगे की रणनीति तय करेगी। किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या गड़बड़ी पाये जाने पर संबंधित को बुलाकर पूछताछ की जा सकती है। बता दें कि सभी डेटाबेस को चार भागों में बांटा जाएगा।

    मंदिर प्रांगण की दुकान पर दुकानदार किसी व्यक्ति को संचालित करने के लिए रखते हैं तो उसकी पहचान के लिए दुकानदार और उस व्यक्ति का परिचय पत्र
    जमा लिया गया है।

    फोटोग्राफर और स्टूडियो मालिक दोनों का आधार कार्ड लिया गया है। जबकि गुमास्ता, जिस तीर्थ पुरोहित के पास सहयोगी के रूप में काम करते हैं उसे तीर्थ पुरोहित का आधार कार्ड और गुमास्ता का आधार कार्ड एवं वोटर आई कार्ड जमा कराया गया है। अब सभी डेटा को सिस्टम में सुरक्षित रखा जाएगा ताकि समय आने पर इसका उपयोग किया जा सके।

    दशकों से बेच रहे पूजन सामग्री वालों को नहीं परेशानी

    बाबा मंदिर प्रांगण में बरसों से स्थानीय लोगों के द्वारा पूजन सामग्री अगरबत्ती, दीया आदि बेचकर अपना गुजारा करने वाले लगभग दो सौ से अधिक लोग रोजगार करते आ रहे हैं। जिसमें से मंदिर प्रबंधन की ओर से 77 ऐसी दुकानों को चिन्हित किया गया है जो एक सौ साल से भी अधिक पुराने समय से बाबा मंदिर प्रांगण में दुकान लगाते आ रहे हैं। उनमें से 38 दुकानों को नंबर के साथ दुकान लगाने की अनुमति मिली है। जबकि 32 दुकान को अभी अनुमति नहीं दी गई है।

    इस पर जांच की प्रक्रिया जारी है। दुकानों से पूर्व में बाबा मंदिर प्रबंधन की ओर से तीन रुपए का रसीद काटा जाता था। आज वह बढ़कर 30 रुपया किया गया है। मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए सभी दुकानों को चिन्हित कर पूर्व से लग रहे दुकानों को छोड़कर अवैध रूप से नई दुकान लगाने वालों के ऊपर कार्रवाई की जा रही है।

    एसडीओ सह बाबा मंदिर प्रभारी रवि कुमार ने स्पष्ट कहा है कि मंदिर प्रांगण को पूरी तरह से खाली रखना है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार से समस्या ना हो। साथ ही जिन दुकानदारों को चिन्हित किया है उन्हें भी व्यवस्थित करने का काम किया जाएगा।

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