देवघर में धान भुगतान में भारी देरी से किसान परेशान, 48 घंटे में भुगतान का वादा; 48 दिन बाद भी नहीं मिला दाम
देवघर के सारठ प्रखंड में किसानों को पैक्स में बेचे गए धान का भुगतान 48 घंटे के बजाय डेढ़-दो महीने बाद भी नहीं मिला है। सर्वर डाउन और मशीन बंद होने से ...और पढ़ें
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समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
अनुज भोक्ता, सारठ (देवघर)। किसानों द्वारा अपनी काफी मेहनत एवं पूंजी लगाकर उपजाए गए धान के फसल को ओने पौने दाम में बाजार में नहीं बेचना पड़े इसके लिए सरकार ने धान अधिप्राप्ति केंद्र खोला है। ताकि किसान सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य पर पैक्स में धान बेच सके।
सरकार द्वारा घोषणा किया गया था कि किसानों को पैक्स में धान देने के 48 घंटे के अंदर उनके खाते में समुचित राशि का भुगतान कर दिया जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। सरकार और विभाग के नियम कानून के पचड़े में किसान के साथ- साथ पैक्स अध्यक्ष भी परेशान हैं।
सरकार द्वारा 31 मार्च तक धान खरीदारी की तिथि तय की गई थी। निर्धारित समय सीमा खत्म हो चुका है। लेकिन कई किसानों को डेढ़ से दो माह के बाद भी भुगतान नहीं हुआ है। जबकि कई किसानों ने जो पैक्स में धान दिया था उसका एंट्री भी नहीं हुआ है।
धान का नहीं हो पाया इंट्री, कैसे होगा भुगतान
पैक्स की वस्तु स्थिति को जानने के लिए दैनिक जागरण की टीम ने मंगलवार को सारठ प्रखंड क्षेत्र के ठाढी, सधरिया एवं मंझलाडीह पैक्स का पड़ताल किया। ठाढी पैक्स में कई किसान पहुंच कर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।
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नौनी, रउतरा, शहरजोरी, बीरमाटी,आसनसोल, छर्रा, हरिहरमाटी, नगरा, बभनगामा समेत अन्य गांव से पहुंचे किसान नीलरतन सिंह, अनूप सिंह, जितेंद्र कुमार राय, अशोक मंडल, बनमाली मंडल, तुलसी मंडल, शालीग्राम राय, नीरज चौधरी, प्रदीप चौधरी आदि ने बताया कि उनलोगों ने एक से डेढ़ माह पूर्व पैक्स में धान दिया है। लेकिन अभी तक एंट्री नहीं हुआ है।
जबकि सरकार का कहना था कि पैक्स में धान देने के तीन दिन के अंदर किसानों के खाते में बेचे गए धान का समुचित भुगतान कर दिया जाएगा। किसानों ने कहा कि सरकार की कथनी और करनी में काफी फर्क है। सरकार किसानों के हित की बात करती है। खुद के घोषणा पर अमल नहीं करती है। सरकार और विभाग के पचड़े में किसान काफी परेशान हैं।
केस स्टडी 01
ठाढी पैक्स का अध्यक्ष याकूब अंसारी ने बताया कि पैक्स में कुल 132 किसानों ने 7110 क्विंटल धान दिया है जिसका एंट्री हो चुका है। जिसमें से 58 किसानों को भुगतान किया गया है। जबकि 74 किसानों को लगभग डेढ़ माह से भुगतान नहीं हुआ है। वहीं 60 किसानों ने पैक्स में 2500 क्विंटल धान दिया है। जिसका मशीन बंद रहने के चलते एंट्री ही नहीं हुआ था।
30 मार्च को जिला से एंट्री करने का निर्देश प्राप्त हुआ था। लेकिन सर्वर डाउन रहने के चलते किसी तरह 15 किसान का 400 क्विंटल धान का इंट्री हो पाया जबकि 2100 क्विंटल धान का इंट्री नहीं हो पाया।
केस स्टडी 02
सधरिया पंचायत के पैक्स अध्यक्ष मनोरंजन सिंह ने पूछने पर बताया कि 53 किसानों ने पैक्स में 3999 क्विंटल धान दिया है। जिसका एंट्री हो चुका है। जिसमें 29 किसानों के खाते में धान के राशि का भुगतान किया गया है। जबकि 24 किसानों को भुगतान नहीं हुआ है। वहीं 22 किसानों ने लगभग 1600 क्विंटल धान दिया है जिसका इंट्री नहीं हुआ है। 30 मार्च को सर्वर डाउन रहने के चलते मात्र 02 किसानों का इंट्री हो पाया।
केस स्टडी 03
मंझलाडीह पंचायत के पैक्स अध्यक्ष अनूप कुमार भैया ने बताया कि कुल 90 किसानों से 4625.80 क्विंटल धान खरीदे हैं जिसका इंट्री हो चुका है। जिसमें से 41 किसानों को भुगतान किया गया है। जबकि 49 किसानों को आज तक भुगतान नहीं हुआ है।
बताया कि 32 किसानों ने 1675 क्विंटल धान दिया है । जिसका इंट्री नहीं हुआ है। 30 मार्च को मात्र छह किसानों का इंट्री हो पाया। सर्वर डाउन रहने के बारे में विभागीय अधिकारी को भी जानकारी दी गई है।
करीब 40 दिन रहा मशीन बंद
विभिन्न पैक्स के अध्यक्षों ने बताया कि एफआरके केमिकल नहीं रहने के चलते करीब 40 दिन पैक्स में मशीन बंद रहा। जिसके चलते पैक्स का सारा कार्य बंद रहा। बताया कि एफआरके केमिकल उपलब्ध नहीं होने के चलते मिल में चावल नहीं गया जिससे चलते किसानों से लिए गए धान का इंट्री नहीं हो पाया।
समय सीमा नहीं बढ़ा तो होगी फजीहत
बताया कि 31 मार्च तक निर्धारित समय सीमा खत्म हो गया। ऐसे में पैक्स अध्यक्षों ने विभाग के मंत्री डा. इरफान अंसारी से मिलकर सारी वस्तु स्थिति को बताया और आवेदन देकर समय सीमा बढ़ाने की मांग किया। पैक्स अध्यक्षों की मानें तो मंत्री ने आश्वासन दिया है कि किसानों के हित को देखते हुए समय सीमा बढ़ाया जाएगा।