राम मंदिर में चढ़ावा चोरी पर देवघर में 'क्षमा याचना हवन', प्रधानमंत्री मोदी से की गई ये डिमांड
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के बाद देवघर के बाबा बैद्यनाथ मंदिर में क्षमा याचना हवन आयोजित किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी से अयोध्या मे ...और पढ़ें

क्षमा याचना हवन करते ऋषि ब्रह्मर्षि सांस्कृतिक मंच के सदस्य। फोटो जागरण
HighLights
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर देवघर में क्षमा याचना हवन।
प्रधानमंत्री मोदी से अयोध्या जाकर माफी मांगने की अपील की गई।
सुप्रीम कोर्ट से चढ़ावा चोरी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग।
संवाद सूत्र, देवघर। श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी पर ऋषि ब्रह्मर्षि सांस्कृतिक मंच द्वारा विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ मंदिर के प्रांगण में स्थित श्री राम मंदिर में बुधवार को क्षमा याचना हवन का आयोजन किया गया।
ऋषि ब्रह्मर्षि सांस्कृतिक मंच के महासचिव मणिशंकर ने बताया कि सनातन धर्म के मान्यताओं के अनुसार, अगर किसी धार्मिक कार्य में त्रुटि, बाधा या कमियां हो जाती है तो क्षमा याचना किया जाता है। इसलिए हर एक हिंदू धार्मिक अनुष्ठान के अंत में क्षमा याचना करना अनिवार्य होता है।
उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम राम के कोष से करोड़ों की लूट से आज हम सब शर्मिंदा है। इस कुकृत्य के लिए जो भी जिम्मेदार हैं हम सब सनातनी होने के नाते श्री राम के समक्ष क्षमा याचना हवन कर माफी मांग रहें हैं।
प्रधानमंत्री मोदी से क्षमा याचना की मांग
हवन में मुख्य रूप से शामिल होने के बाद ऋषि ब्रह्मर्षि सांस्कृतिक मंच के महासचिव मणिशंकर ने यह मांग किया है कि अयोध्या जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रभु श्रीराम के समक्ष क्षमा याचना करें।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रभु श्रीराम की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को किए थे, लेकिन करोड़ों की चंदा चोरी से देश के करोड़ों हिंदू को गहरा आघात पहुंचा है।
देश विदेश से जिन सनातनियों ने पुरुषोत्तम श्री राम मंदिर निर्माण में चंदा दिया। वे करोड़ों की लूट से आज ठगा महसूस कर रहे हैं। इसलिए प्रधानमंत्री मोदी मंदिर व्यवस्था की कमियों को स्वीकार करते हुए स्वयंसेवक शीर्ष नेतृत्व के साथ क्षमा याचना अयोध्या में करें। साथ ही देश को यह विश्वास दिलाएं की ऐसी गलती दोहराई नहीं जाएगी।
खबरें और भी
सुप्रीम कोर्ट से जांच की मांग
इस क्षमा याचना में सनातन धर्म के सभी वर्गों ने हिस्सा लिया। उन्होंने बताया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री द्वारा फरवरी 2020 में किया गया, जिसमें 15 सदस्यों की नियुक्ति प्रधानमंत्री कार्यालय से हुआ।
आश्चर्य की बात यह है कि हर कदम पर सीसीटीवी होने के बावजूद चढ़ावा चोरी प्रकरण उजागर होने में वर्षों क्यों लगा। मोदी जी एवं योगी जी को पारदर्शिता दिखाते हुए निष्पक्ष जांच उच्चतम न्यायालय से कराना चाहिए।
इस हवन कार्यक्रम को आचार्य लंबोदर परिहस्त एवं देवनारायण फलाहारी ने मंत्रोच्चारण के साथ संपन्न कराया। क्षमा याचना हवन में प्रमुख रूप से राजेंद्र दास, प्रो उदय प्रकाश, बृजभूषण राम, अनुराग आनंद, कुमार बाबा, पंकज भारती, अनिल चंद्रवंशी,सुबोध दास अमरिंदर भोपाल, निर्णय कुमार, मणिकांत कुमार, चंद्र देवदास, किशोर रवानी व अन्य थे।